बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब जांच और उपचार को मिलेगी रफ्तार, 1460 तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना

राज्य

पटना (Action Bharat) | बिहार के सरकारी अस्पतालों में तकनीकी मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की अनुशंसा के आधार पर राज्य के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 1,460 तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना की गई है।

इनमें 792 ड्रेसर, 644 एक्स-रे टेक्निशियन और 24 फार्मासिस्ट शामिल हैं। इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों से लेकर जिला, अनुमंडलीय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक तकनीकी सेवाओं को मजबूत करने की उम्मीद है।

1,460 कर्मियों की हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई नई पदस्थापना में तीन प्रमुख श्रेणियों के तकनीकी कर्मी शामिल हैं।

  • 792 ड्रेसर
  • 644 एक्स-रे टेक्निशियन
  • 24 फार्मासिस्ट

इन कर्मियों को राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया गया है। विभाग का उद्देश्य अस्पतालों में खाली तकनीकी पदों को भरकर मरीजों को जांच और उपचार से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है।

644 एक्स-रे टेक्निशियन से जांच व्यवस्था होगी मजबूत

नई पदस्थापना में सबसे बड़ी संख्या एक्स-रे टेक्निशियन की है। कुल 644 एक्स-रे टेक्निशियन को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त किया गया है।

इनकी तैनाती से अस्पतालों में एक्स-रे जांच से संबंधित कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से जिला और अनुमंडलीय स्तर के अस्पतालों में मरीजों को जांच की सुविधा उपलब्ध कराने में तकनीकी स्टाफ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

BTSC की ओर से इस वर्ष एक्स-रे टेक्निशियन पदों के परिणाम और नियुक्ति से संबंधित विभिन्न सूचनाएं भी जारी की गई हैं।

792 ड्रेसर की भी तैनाती

स्वास्थ्य विभाग ने 792 ड्रेसर की पदस्थापना भी की है। इनमें:

  • 135 महिलाएं
  • 657 पुरुष

शामिल हैं।

ड्रेसरों की तैनाती से अस्पतालों में उपचार से जुड़े तकनीकी कार्यों के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इससे मरीजों को अस्पतालों में उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

फार्मासिस्टों की संख्या बढ़कर 870 हुई

नई पदस्थापना में 24 फार्मासिस्ट भी शामिल हैं।

विभाग के अनुसार, इससे पहले राज्य में 846 फार्मासिस्टों की पदस्थापना की जा चुकी थी। अब 24 और फार्मासिस्टों की तैनाती के बाद यह संख्या बढ़कर 870 हो गई है।

फार्मासिस्टों की उपलब्धता अस्पतालों में दवा वितरण और उससे जुड़े कार्यों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।

मेडिकल कॉलेज से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक तैनाती

नई पदस्थापना केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं है। तकनीकी कर्मियों को राज्य के अलग-अलग स्तर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा गया है।

इनमें शामिल हैं:

  • मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
  • जिला अस्पताल
  • अनुमंडलीय अस्पताल
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
  • रेफरल अस्पताल
  • अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थान

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य इन संस्थानों में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को कम करना है, ताकि मरीजों को जांच और उपचार से जुड़ी सेवाओं के लिए जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।

रैंडमाइजेशन के जरिए तय हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना प्रक्रिया में एनआईसी के सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन का इस्तेमाल किया गया।

विभाग ने बताया कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके गृह जिले में पदस्थापित करने का प्रयास किया गया।

वहीं महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की पदस्थापना में मेरिट के अनुरूप निकटवर्ती जिलों के आसपास तैनाती देने का प्रयास किया गया।

एक महीने के भीतर देना होगा योगदान

नई पदस्थापना पाने वाले ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्टों को एक महीने के भीतर संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में योगदान देना होगा।

योगदान के समय उन्हें अपने शैक्षणिक और अन्य आवश्यक मूल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे।

संबंधित संस्थान के अधीक्षक अथवा अधीक्षक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी इन प्रमाण-पत्रों का सत्यापन करेंगे।

विभाग ने प्रमाण-पत्र सत्यापन की प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी स्टाफ की भूमिका अहम

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। एक्स-रे टेक्निशियन जांच से जुड़ी सेवाओं को संचालित करते हैं, जबकि ड्रेसर उपचार संबंधी तकनीकी कार्यों में सहयोग करते हैं। फार्मासिस्ट दवाओं से जुड़े कार्यों को संभालते हैं।

ऐसे में इन 1,460 कर्मियों की पदस्थापना से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध तकनीकी मानव संसाधन बढ़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने नवपदस्थापित कर्मियों को दी शुभकामनाएं

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सभी नवपदस्थापित कर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में तकनीकी कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

नई पदस्थापनाओं के बाद अब संबंधित कर्मियों के योगदान और प्रमाण-पत्र सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी सेवाओं के लिए उपलब्ध मानव संसाधन में वृद्धि होगी।

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