नई दिल्ली (Action Bharat) | ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान और स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने उस भारतीय बल्लेबाज का नाम बताया है, जिसका सामना करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। खास बात यह है कि कमिंस ने विराट कोहली या रोहित शर्मा का नाम नहीं लिया, बल्कि पूर्व भारतीय टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को सबसे मुश्किल बल्लेबाजों में से एक बताया।
कमिंस के मुताबिक पुजारा की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका धैर्य और विकेट पर टिके रहना था। वह गेंदबाजों को लंबे समय तक गेंदबाजी करने के लिए मजबूर करते थे और आसानी से अपना विकेट नहीं देते थे।
कमिंस ने पुजारा को बताया सबसे मुश्किल
प्राइम वीडियो स्पोर्ट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कमिंस से अलग-अलग देशों के सबसे मुश्किल बल्लेबाजों के बारे में पूछा गया।
भारत का नाम आने पर उन्होंने चेतेश्वर पुजारा को याद किया।
कमिंस ने पुजारा के बारे में कहा कि उन्हें आउट करना बेहद मुश्किल था। उन्होंने उनकी बल्लेबाजी की तुलना “हजारों पेपर कट से मौत” जैसे अनुभव से की।
कमिंस के मुताबिक पुजारा अगर चाहते तो लगातार 100 गेंदें बिना रन बनाए भी खेल सकते थे। उनका मुख्य उद्देश्य विकेट पर टिके रहना और गेंदबाज को लगातार दबाव में रखना था।
पुजारा की डिफेंसिव बल्लेबाजी से परेशान होते थे गेंदबाज
पुजारा की बल्लेबाजी शैली टेस्ट क्रिकेट में उनके मजबूत डिफेंस और धैर्य के लिए जानी जाती रही है। वह खराब गेंद का इंतजार करते थे और विकेट बचाकर लंबी पारी खेलने पर जोर देते थे।
कमिंस की टिप्पणी से भी यही बात सामने आती है कि पुजारा के खिलाफ गेंदबाजों को लगातार एकाग्रता बनाए रखनी पड़ती थी।
उनकी बल्लेबाजी का प्रभाव केवल रन बनाने तक सीमित नहीं था। लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने से वह विपक्षी गेंदबाजों से काफी ओवर करवाते थे और अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने का समय देते थे।
ऑस्ट्रेलिया में पुजारा बने भारत की दीवार
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की टेस्ट क्रिकेट में हाल की सफलताओं में पुजारा की भूमिका खास रही है।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतीं और दोनों दौरों में पुजारा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2018-19 सीरीज
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती थी।
इस सीरीज में पुजारा ने भारतीय बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया। उनकी बड़ी और धैर्यपूर्ण पारियों ने भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई।
2020-21 सीरीज
इसके बाद भारत ने 2020-21 में भी ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर टेस्ट सीरीज में हराया।
इस दौरे पर भी पुजारा भारतीय बल्लेबाजी के लिए एक तरह की ढाल बने रहे। उन्होंने कई मौकों पर तेज गेंदबाजों की गेंदों को अपने शरीर पर झेला, लेकिन क्रीज पर टिके रहे और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकलने में मदद की।
पुजारा के लिए अलग तरह का सम्मान
पैट कमिंस जैसे विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज का पुजारा को सबसे मुश्किल भारतीय बल्लेबाजों में शामिल करना उनकी टेस्ट बल्लेबाजी की एक खास तस्वीर पेश करता है।
पुजारा की बल्लेबाजी में आक्रामक शॉट्स की बजाय धैर्य, डिफेंस और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने को प्राथमिकता दिखाई देती थी। यही वजह थी कि ऑस्ट्रेलिया जैसी तेज और उछाल वाली पिचों पर भी उन्होंने भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
कमिंस की टिप्पणी ने एक बार फिर उस दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब पुजारा क्रीज पर खड़े होकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के लंबे स्पेल का सामना करते थे।
Action Bharat | Sports Desk
