नई दिल्ली (Action Bharat) | चीन द्वारा भारतीय चावल की कुछ खेपों को कथित तौर पर GMO की मौजूदगी के आधार पर रोके जाने के बीच अब यूरोपीय संघ की खाद्य सुरक्षा प्रणाली में चीन से आए कई चावल-आधारित उत्पादों में GMO पाए जाने की जानकारी सामने आई है।
चीन से आई कई खेपों में GMO की जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, EU के Rapid Alert System for Food and Feed (RASFF) के नोटिफिकेशनों में इस साल चीन से आई कम से कम 5 खेपों में GMO की मौजूदगी दर्ज की गई।
इन उत्पादों में राइस स्टिक्स, राइस क्रैकर्स, नूडल्स और हाइड्रोलाइज्ड राइस फ्लोर शामिल बताए गए हैं।
भारत की चावल खेपों पर चीन ने लगाए थे आरोप
यह मामला उस समय सामने आया है जब चीन ने इसी साल मार्च से भारतीय चावल की कुछ खेपों को कथित GMO मौजूदगी के आधार पर खारिज किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने कजाकिस्तान, रूस, यूक्रेन, बेलारूस और जापान से आई कुछ खेपों को भी वापस किया। जनवरी से जून के बीच चीन द्वारा 146 खेपों को खारिज किए जाने की बात कही गई है, जबकि 2025 में यह संख्या 38 थी।
EU ने अलग-अलग तारीखों पर जारी किए अलर्ट
EU के RASFF सिस्टम में चीन से जुड़े GMO मामलों को लेकर 12 मार्च, 6 जुलाई, 12 जुलाई, 3 अगस्त और 8 सितंबर को अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
सबसे हालिया मामले में इटली के अधिकारियों ने चीन से आए राइस स्टिक्स में अनधिकृत GMO 35S टर्मिनेटर मिलने की सूचना दी।
2006 से चीनी राइस प्रोडक्ट्स पर 125 से ज्यादा अलर्ट
रिपोर्ट में RASFF के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 2006 से 2025 के बीच चीनी चावल-आधारित उत्पादों के खिलाफ 125 से ज्यादा GMO अलर्ट जारी किए गए।
वहीं, भारत से खाद्य निर्यात में GMO की मौजूदगी को लेकर इस अवधि में केवल एक नोटिफिकेशन दर्ज होने की बात कही गई है।
GMO चावल को लेकर पुराना विवाद
रिपोर्ट में USDA के रिटायर्ड अर्थशास्त्री फ्रेड गेल के ब्लॉग का भी उल्लेख है। उनके अनुसार, चीन GM चावल की खेती से इनकार करता रहा है, लेकिन अतीत में वैज्ञानिक परीक्षणों में GM चावल के चीनी बाजार तक पहुंचने से जुड़े मामले सामने आए हैं।
RASFF के पुराने अलर्ट में Bt-63, KeMingDao और Cry1Ab/Ac जैसी अनधिकृत GM चावल किस्मों से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।
Action Bharat | Business Desk
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