नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। दिल्ली कांग्रेस ने SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के दौरान गरीब और अमीर, यानी VIP और आम मतदाता के साथ समान व्यवहार नहीं हो रहा है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को विसंगतियों से जुड़े नोटिस दिए गए हैं। कांग्रेस ने तय समय में सभी मामलों का सत्यापन पूरा करने की व्यावहारिकता पर भी सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री के नोटिस को लेकर देवेंद्र यादव का आरोप
देवेंद्र यादव ने दावा किया कि जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस जारी किया गया तो कथित तौर पर महज चार घंटे में संबंधित कमियां दूर कर दी गईं।
इसके विपरीत, यादव के अनुसार आम मतदाताओं को अपने नोटिस से जुड़ी कमियां दूर कराने के लिए शिविरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कांग्रेस ने मांग की है कि सभी मतदाताओं के नोटिस में मौजूद कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, चाहे संबंधित मतदाता VIP हो या सामान्य नागरिक।
बुलडोजर से प्रभावित लोगों के वोट जोड़ने की मांग
दिल्ली कांग्रेस ने उन लोगों के मतदाता अधिकारों का मुद्दा भी उठाया है, जिनके घर कथित तौर पर बुलडोजर कार्रवाई में ध्वस्त हुए हैं।
देवेंद्र यादव ने मांग की कि ऐसे प्रभावित गरीब लोगों के वोट वापस जोड़े जाएं। यह मांग कांग्रेस की ओर से की गई है; उपलब्ध स्रोत में इस संबंध में चुनाव अधिकारियों का अलग पक्ष नहीं दिया गया है।
2002 की SIR सूची में लिंक ढूंढने में परेशानी का दावा
दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होना व्यक्ति के लिए गंभीर विषय है और 2002 की SIR सूची में अपना लिंक ढूंढना आम आदमी के लिए आसान नहीं है।
उनके मुताबिक SIR के तहत मांगे जाने वाले दस्तावेज भी आम मतदाताओं की पहुंच में होने चाहिए। कांग्रेस ने प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं चुनाव अधिकारियों के सामने रखने की बात कही है।
30 सितंबर की समयसीमा बढ़ाने की मांग
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की मौजूदा अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 बताई गई है। कांग्रेस इस समयसीमा को बढ़ाने की मांग कर रही है।
कांग्रेस का तर्क है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस मिलने और दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के कारण सभी मामलों का सत्यापन तय समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कांग्रेस ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस की ओर से SIR को लेकर मुख्य रूप से ये मांगें और आपत्तियां सामने रखी गई हैं:
- दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाई जाए।
- सभी मतदाताओं के नोटिस की कमियां प्राथमिकता से दूर की जाएं।
- आम मतदाताओं को दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाए।
- 2002 की मतदाता सूची में लिंक तलाशने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों के मतदाता अधिकारों पर भी ध्यान दिया जाए।
SIR को लेकर व्यापक स्तर पर भी सवाल
23 सितंबर की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कांग्रेस ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं से जुड़े नोटिस और विसंगतियों को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मामलों का सत्यापन तय समय में कराना व्यावहारिक चुनौती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए भेदभाव और प्रक्रिया संबंधी आरोप पार्टी के दावे हैं। उपलब्ध स्रोतों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित चुनाव अधिकारियों का विस्तृत जवाब शामिल नहीं है।
Action Bharat | दिल्ली डेस्क
