वॉशिंगटन (Action Bharat) | अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच चल रहे विवाद में संघीय अदालत ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली ने CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों की व्हाइट हाउस में प्रवेश की अनुमति तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा कि इन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करते समय संवैधानिक रूप से पर्याप्त उचित प्रक्रिया (Due Process) का पालन नहीं किया गया था। आदेश फिलहाल अस्थायी राहत के रूप में लागू है।
14 दिनों के लिए लागू रहेगा अंतरिम आदेश
जज केली का आदेश अस्थायी प्रतिबंध आदेश यानी Temporary Restraining Order (TRO) के रूप में आया है। रिपोर्टों के अनुसार यह आदेश 14 दिनों तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान प्रशासन CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से नहीं रोक सकेगा।
अदालत का यह फैसला अंतिम रूप से पूरे मामले का निपटारा नहीं करता। मीडिया संस्थानों और ट्रंप प्रशासन के बीच कानूनी विवाद आगे भी जारी रह सकता है।
मामला कैसे शुरू हुआ?
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने का फैसला घोषित किया था। इसके बाद 19 सितंबर को इन संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोका गया और उनके प्रेस क्रेडेंशियल निष्क्रिय किए गए।
इसके बाद तीनों मीडिया संस्थानों ने संघीय अदालत का रुख किया। उनकी कानूनी चुनौती में कहा गया कि प्रतिबंध से अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा उचित प्रक्रिया से जुड़े अधिकार प्रभावित होते हैं।
जज ने Due Process को क्यों माना महत्वपूर्ण?
अदालत में सुनवाई के दौरान जज केली का मुख्य ध्यान इस बात पर रहा कि पत्रकारों के प्रेस पास रद्द करने से पहले प्रशासन ने उन्हें पर्याप्त नोटिस और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था या नहीं।
जज ने पूर्व न्यायिक फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में पत्रकारों की स्थायी प्रेस पहुंच रद्द करने जैसी कार्रवाई में उचित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
बाद के आदेश में अदालत ने माना कि संबंधित पत्रकारों को पर्याप्त संवैधानिक प्रक्रिया के बिना ही उनके प्रेस पास से वंचित किया गया।
ट्रंप प्रशासन ने क्या दलील दी?
ट्रंप प्रशासन की ओर से अदालत में मीडिया की व्हाइट हाउस तक पहुंच को विशेषाधिकार (Privilege) बताया गया और प्रतिबंध का बचाव किया गया। प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े तर्क भी पेश किए।
वहीं अदालत ने अंतरिम स्तर पर प्रशासन की दलीलों को पर्याप्त मानने के बजाय पत्रकारों को उचित प्रक्रिया दिए जाने के सवाल पर जोर दिया।
ट्रंप ने मीडिया संस्थानों पर लगाए थे आरोप
ट्रंप ने प्रतिबंध का बचाव करते हुए इन मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए थे और उन पर कथित रूप से गलत या भ्रामक खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों को संबंधित मीडिया संस्थानों ने स्वीकार नहीं किया और उन्होंने अदालत में प्रतिबंध को चुनौती दी।
अब आगे क्या होगा?
अदालत का मौजूदा आदेश अंतरिम राहत है। इसका उद्देश्य कानूनी विवाद की सुनवाई जारी रहने के दौरान स्थिति को बनाए रखना है।
आगे की सुनवाई में अदालत इस बात पर विचार कर सकती है कि मीडिया संस्थानों की कानूनी चुनौती के अंतिम मुद्दों पर क्या कार्रवाई की जाए। फिलहाल आदेश के तहत CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों की व्हाइट हाउस पहुंच बहाल रहेगी।
यह मामला अमेरिका में राष्ट्रपति प्रशासन, प्रेस की स्वतंत्रता और सरकारी संस्थानों तक पत्रकारों की पहुंच से जुड़े संवैधानिक सवालों के कारण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Action Bharat | World Desk
