नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कई नए नियमों की घोषणा की है। इनका मुख्य उद्देश्य धूल, वाहनों और ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
1 नवंबर से निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक
1 नवंबर से 28 फरवरी तक धूल पैदा करने वाले निजी और सिविल निर्माण तथा तोड़फोड़ के काम पर रोक रहेगी।
इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक प्रदूषण की सबसे संवेदनशील अवधि में निर्माण संबंधी नियम और सख्त होंगे। इस दौरान रेत, बजरी, सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री लेकर दिल्ली आने वाले बाहरी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी।
50% कर्मचारियों के लिए Work From Home
सर्दियों के दौरान दिल्ली सरकार और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था होगी। आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी जाएगी।
पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
वाहनों का दबाव और ट्रैफिक कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों का शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि, मेट्रो पार्किंग को इससे बाहर रखा गया है।
कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
बिना वैध PUC नहीं मिलेगा ईंधन
बिना वैध PUC (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र के दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं देने का नियम पूरे साल लागू रहेगा। इसके लिए डिजिटल डेटाबेस के जरिए वाहनों के PUC की जांच की जाएगी।
BS-6 से नीचे के बाहरी वाहनों पर रोक
1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी रहेगी। CNG, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों को छूट दी जाएगी।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इन उपायों से निर्माण गतिविधियों, वाहनों और कार्यालयों से जुड़े प्रदूषण तथा ट्रैफिक दबाव को कम करने का प्रयास किया गया है।
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