500 पेट्रोल पंपों पर ‘PUCC नहीं तो ईंधन नहीं’, 62 हॉटस्पॉट की निगरानी; दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती

दिल्ली

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया है। वाहन, सड़क की धूल, निर्माण, कचरा, उद्योग और हरित क्षेत्र जैसे प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उच्चस्तरीय बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। दिल्ली-NCR के लिए कार्ययोजनाओं को 10 अक्टूबर तक अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।

500 पेट्रोल पंपों पर ‘PUCC नहीं तो ईंधन नहीं’

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ‘PUC नहीं तो ईंधन नहीं’ अभियान को मिशन मोड में लागू किया जाएगा।

दिल्ली के करीब 500 ANPR कैमरा युक्त पेट्रोल पंपों पर जागरूकता और जांच अभियान चलाया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई की जाएगी।

पिछले एक वर्ष में ANPR कैमरों के जरिए BS-3 और उससे पुराने करीब 7,055 जीवन-अवधि पूरी कर चुके वाहनों को चिन्हित किए जाने की बात भी सामने आई है।

62 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर जनप्रतिनिधियों की निगरानी

प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या वाले 62 स्थानों की जिम्मेदारी सांसदों, विधायकों और पार्षदों को दी जाएगी। वे अधिकारियों, RWA, व्यापारियों और ट्रैफिक पुलिस के साथ हर सप्ताह इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे।

बताया गया है कि इनमें से 42 स्थानों की समस्याएं दूर की जा चुकी हैं, जबकि आठ अन्य को अक्टूबर तक ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है।

3,065 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास

सड़क की धूल को कम करने के लिए वर्ष 2026 में 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 1,193 किलोमीटर का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। बाकी काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।

कचरा जलाने पर रोक और 98 केंद्र

कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। दिल्ली में कचरा प्रबंधन से जुड़े केंद्रों की संख्या 76 से बढ़कर 98 होने की जानकारी दी गई है।

इसके साथ ही पूरे शहर में ‘शून्य कचरा जलाने’ का अभियान चलाने की योजना है।

निर्माण स्थलों पर कैमरों से निगरानी

निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पंजीकृत निर्माण स्थलों पर कैमरों से निगरानी बढ़ाई जाएगी। ‘मलबा’ ऐप को भवन योजना प्रक्रिया से जोड़ने की भी योजना है।

सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में पार्किंग शुल्क दोगुना करने, कार्यालयों के समय में बदलाव और 50 प्रतिशत Work From Home जैसे उपायों को भी लागू करने की तैयारी है।

मेट्रो-बस और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक ‘दिल्ली मेट्रो सारथी’ ऐप के इस्तेमाल को लेकर अभियान चलाया जाएगा।

दिल्ली के बस बेड़े की संख्या 6,840 बताई गई है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

सरकार के अनुसार, दिसंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 11,271 औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण किया गया और 2,283 इकाइयों को बंद या सील किया गया।

Action Bharat | दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष रिपोर्ट

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