9719 विद्यालय परिचारियों की नियुक्ति की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन, जेपी गोलंबर पर कड़ा सुरक्षा घेरा

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नई दिल्ली, Action Bharat | बिहार की राजधानी पटना में परिचारी एकता संघ के बैनर तले विद्यालय परिचारी (चपरासी) पदों पर नियुक्ति और नियमित वेतनमान की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मंगलवार को गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर पर जुटे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में परीक्षा आयोजित होने के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसी को लेकर वे कई दिनों से धरना दे रहे हैं।

9,719 विद्यालय परिचारियों की नियुक्ति की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग 9,719 विद्यालय परिचारी पदों पर नियुक्ति करने की है। इसके साथ ही वे नियमित वेतनमान समेत अन्य मांगों को लेकर भी सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान कई लोगों के हाथों में तख्तियां नजर आईं। इनमें नियुक्ति की मांग से जुड़े नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।

सीएम हाउस तक मार्च की तैयारी

प्रदर्शनकारियों की ओर से जेपी गोलंबर से डाकबंगला, आयकर चौराहा होते हुए मुख्यमंत्री आवास तक मार्च का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जेपी गोलंबर और मार्च के संभावित मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

जगह-जगह बैरिकेडिंग, वाटर कैनन भी तैनात

प्रदर्शनकारियों को प्रस्तावित मार्च के दौरान आगे बढ़ने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और दंगा निरोधक वाहन भी मौके पर तैनात रखे गए हैं।

नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी

प्रदर्शनकारी वर्ष 2024 की परीक्षा के बाद नियुक्ति नहीं होने को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि परीक्षा आयोजित किए जाने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

परिचारी एकता संघ की ओर से नियुक्ति के साथ नियमित वेतनमान समेत अन्य मांगों को भी उठाया जा रहा है। फिलहाल जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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