डिफेंस सेक्टर में भारत की बड़ी उपलब्धि, स्वदेशी कावेरी इंजन ने रूस में पास किए कठिन परीक्षण

विदेश

नई दिल्ली (Action Bharat) | रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित स्वदेशी कावेरी ड्राई इंजन ने रूस में हाई-एल्टीट्यूड और फ्लाइट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस सफलता के बाद अब इस इंजन को भारत के स्वदेशी स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन ‘घटक’ में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

उम्मीद से ज्यादा थ्रस्ट

रक्षा सूत्रों के अनुसार, रूस में परीक्षण के दौरान कावेरी इंजन ने करीब 48.5 किलोन्यूटन का पीक ड्राई थ्रस्ट हासिल किया, जबकि परीक्षण से पहले लगभग 46 kN थ्रस्ट की उम्मीद जताई गई थी।

अब रूस से मिले परीक्षण डेटा की भारत में विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद इंजन के प्रमाणन और उड़ान योग्यता से जुड़े अगले चरण पूरे किए जाएंगे।

‘घटक’ ड्रोन में होगा इस्तेमाल

कावेरी इंजन को आगे भारत के स्टील्थ फ्लाइंग-विंग कॉम्बैट ड्रोन ‘घटक’ के साथ इंटीग्रेट करने की योजना है। इसके बाद भारतीय वायुसेना के सहयोग से ड्रोन के फ्लाइट ट्रायल किए जाने की बात कही गई है।

‘घटक’ को एक जेट-पावर्ड, मानवरहित स्टील्थ कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका फ्लाइंग-विंग डिजाइन और आंतरिक हथियार रखने की क्षमता इसके स्टील्थ प्रोफाइल को बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

रूस में कहां हुए परीक्षण?

कावेरी इंजन का परीक्षण रूस के Central Institute of Aviation Motors (CIAM) और Gromov Flight Research Institute में किया गया। भारत लौटने के बाद परीक्षण से जुड़े डेटा का विश्लेषण और प्रमाणन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

तेजस से ‘घटक’ तक कावेरी का सफर

कावेरी इंजन परियोजना की शुरुआत मूल रूप से भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को शक्ति देने के उद्देश्य से हुई थी। हालांकि, शुरुआती संस्करण में वजन और थ्रस्ट-टू-वेट रेशियो से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसे तेजस के उत्पादन संस्करण में इस्तेमाल नहीं किया जा सका।

बाद में इंजन का नॉन-आफ्टरबर्निंग वेरिएंट Kaveri Dry Engine (KDE) विकसित किया गया। अब इसी इंजन को ‘घटक’ जैसे मानवरहित स्टील्थ प्लेटफॉर्म के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

यह परीक्षण भारत की स्वदेशी एयरो-इंजन तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। हालांकि, इंजन के प्रमाणन और ‘घटक’ के फ्लाइट ट्रायल के बाद ही इसके परिचालन उपयोग को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

#DRDO #KaveriEngine #Ghatak #IndianDefence #DefenceNews #MakeInIndia #Aviation #StealthDrone #IndianAirForce #DefenceTechnology #AtmanirbharBharat #ActionBharat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *