कीव (Action Bharat) | यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के ऊर्जा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को निशाना बना रहा है। ऐसे में यूक्रेन रूसी ऊर्जा ढांचे पर जवाबी कार्रवाई करेगा, जिससे रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसी को मिले दस्तावेजों से पता चला है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सर्दियों से पहले सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने की मंजूरी दी है।
जेलेंस्की का आरोप है कि रूस यूक्रेनी शहरों की बुनियादी सुविधाओं को कमजोर कर लोगों को कीव और दूसरे शहरों से पलायन करने पर मजबूर करना चाहता है।
ऊर्जा और परिवहन नेटवर्क पर हमलों का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह रूसी ड्रोन और मिसाइलों ने यूक्रेन के ऊर्जा, दूरसंचार, सड़क और रेल नेटवर्क को निशाना बनाया। नीप्रो नदी पर बने पुलों को भी हमलों का लक्ष्य बनाए जाने की बात सामने आई है।
रूस का कहना है कि उसके हमले यूक्रेन की ओर से रूसी क्षेत्र पर किए गए हमलों का जवाब हैं। वहीं, जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि इन कार्रवाइयों से आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
रूस की युद्ध फंडिंग पर चोट करने की योजना
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ढांचे, खासकर तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाएगा, क्योंकि तेल से होने वाली कमाई रूस को युद्ध के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका जताते हुए जेलेंस्की से रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की अपील की थी। इसके बावजूद जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को की ओर से युद्धविराम या सार्थक बातचीत के संकेत नहीं मिले हैं।
सर्दियों से पहले मिसाइल और ड्रोन की चुनौती
यूक्रेन को आशंका है कि सर्दियों से पहले रूस बिजली और पानी की आपूर्ति से जुड़े ढांचे पर हमले बढ़ा सकता है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें जमा की हैं और तेज गति वाले जेट-चालित शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल भी बढ़ाया है।
जेलेंस्की के अनुसार, इन ड्रोनों को रोकने के लिए यूक्रेन एफ-16 और मिग लड़ाकू विमानों पर निर्भर है, लेकिन गोला-बारूद की कमी चुनौती बनी हुई है। यूक्रेन इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और इंटरसेप्टर ड्रोन जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्पों पर भी काम कर रहा है। रिपोर्ट में इन इंटरसेप्टर ड्रोनों की सफलता दर करीब 30 प्रतिशत बताई गई है।
डोनबास में जवाबी अभियान का दावा
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी सेना ने ‘विवाल्डी’ नाम के जवाबी अभियान के तहत डोनबास में करीब 140 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण हासिल किया है।
दूसरी ओर, रूस शांति समझौते के लिए पूरे डोनबास पर अपना नियंत्रण होने की शर्त पर अड़ा हुआ है। ऐसे में ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों और मोर्चे पर जारी लड़ाई के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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