₹482 करोड़ का मुनाफा, फिर भी RBL Bank के शेयर 6% से ज्यादा टूटे! आखिर निवेशकों को क्यों नहीं पसंद आए नतीजे?

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | निजी क्षेत्र के RBL Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार मुनाफा दर्ज किया, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में बैंक के स्टॉक पर दबाव देखने को मिला। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 170% बढ़कर ₹482 करोड़ पहुंच गया। फिर भी 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान शेयर 6% से अधिक गिर गए और शुरुआती कारोबार में ₹388 के निचले स्तर तक पहुंच गए।

 

मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद शेयरों में गिरावट ने निवेशकों के सामने सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बैंक के नतीजों में ऐसी क्या बात रही, जिससे बाजार का भरोसा कमजोर हुआ?

मुनाफा बढ़ा, लेकिन प्रोविजनिंग ने बढ़ाई चिंता

बैंक के नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू प्रोविजनिंग यानी संभावित ऋण नुकसान और अन्य जोखिमों के लिए अलग रखी गई राशि में बढ़ोतरी रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग बढ़कर ₹766.5 करोड़ हो गई। यह जून तिमाही के ₹599.2 करोड़ और पिछले साल की समान अवधि के ₹499.7 करोड़ से अधिक है।

प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी निवेशकों को बैंक की संभावित क्रेडिट लागत और भविष्य के जोखिमों को लेकर सतर्क कर सकती है। यही वजह है कि केवल मुनाफे में उछाल शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं बन पाया।

RBL Bank के Q2 नतीजों की प्रमुख बातें

  • शुद्ध मुनाफा: सालाना आधार पर 170% बढ़कर ₹482 करोड़।
  • नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 37.4% बढ़कर ₹2,131 करोड़, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह ₹1,551 करोड़ थी।
  • ग्रॉस NPA (GNPA): पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.02%।
  • नेट NPA (NNPA): 0.37% से घटकर 0.29%।
  • प्रोविजनिंग: बढ़कर ₹766.5 करोड़।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि बैंक की ब्याज आय और रिपोर्टेड एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। हालांकि, प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी ने नतीजों की सकारात्मक तस्वीर के साथ जोखिम से जुड़ी चिंता भी सामने रखी।

ब्रोकरेज हाउस की राय बंटी

RBL Bank के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर को लेकर अलग-अलग रुख अपनाया। कुछ ने सतर्कता बरकरार रखी, जबकि अन्य ने सकारात्मक नजरिया दिखाया।

ब्रोकरेज रेटिंग रिपोर्ट में दिया गया टारगेट प्राइस Goldman Sachs Sell ₹310 Citi Buy ₹505 Morgan Stanley Equal-weight ₹370 Nuvama Buy ₹500 CLSA Reduce ₹310

Goldman Sachs ने अपना टारगेट प्राइस ₹285 से बढ़ाकर ₹310 किया, लेकिन Sell रेटिंग बरकरार रखी। Morgan Stanley ने टारगेट ₹350 से बढ़ाकर ₹370 किया। वहीं, Nuvama ने ₹470 से बढ़ाकर ₹500 का लक्ष्य रखा और Buy रेटिंग कायम रखी। Citi ने ₹505 के टारगेट के साथ Buy रेटिंग बनाए रखी, जबकि CLSA ने ₹310 के लक्ष्य के साथ Reduce रेटिंग बरकरार रखी।

ध्यान दें: ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस अनुमान होते हैं, गारंटी नहीं। वास्तविक शेयर कीमत बाजार की परिस्थितियों और बैंक के प्रदर्शन के अनुसार बदल सकती है।

निवेशकों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

RBL Bank के लिए आगे मुनाफे की निरंतरता, प्रोविजनिंग और क्रेडिट कॉस्ट में बदलाव तथा एसेट क्वालिटी के रुझान महत्वपूर्ण रहेंगे। निवेशकों को यह देखना होगा कि बढ़ी हुई आय के साथ संभावित ऋण नुकसान की लागत किस दिशा में जाती है।

निष्कर्ष: RBL Bank के नतीजों में मुनाफे और नेट इंटरेस्ट इनकम की मजबूत बढ़ोतरी सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन प्रोविजनिंग में उछाल और ब्रोकरेज की बंटी हुई राय बताती है कि बाजार भविष्य के जोखिमों को भी कीमत में शामिल कर रहा है। सिर्फ एक तिमाही के मुनाफे या शेयर की एक दिन की गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।

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