वाशिंगटन (Action Bharat) | अमेरिकी सरकारी योजनाओं में कथित धोखाधड़ी के मामले में वांछित मंजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बेदी को पिछले महीने भारत में गिरफ्तार किया गया था और बुधवार रात उसे अमेरिका वापस लाया गया। उस पर सरकारी खाद्य सहायता योजना से जुड़े करीब 6 लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
प्रत्यर्पण के बाद बेदी को वाशिंगटन की वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अभियोजन पक्ष उसे मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक हिरासत में रखने की मांग कर सकता है।
काश पटेल ने बताया महत्वपूर्ण कामयाबी
एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी और अमेरिका वापसी को एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
पटेल के अनुसार, यह कार्रवाई एफबीआई के मोस्ट वांटेड धोखाधड़ी आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिए अहम है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को वापस लाने से संबंधित मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है।
सरकारी खाद्य सहायता योजना में धोखाधड़ी का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी वाशिंगटन राज्य के टैकोमा शहर में किराने की दुकान चलाता था। आरोप है कि उसने सरकारी खाद्य सहायता योजना के लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड का इस्तेमाल कर कथित तौर पर धोखाधड़ी की।
EBT कार्ड के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता का लाभ दिया जाता है, जिसका उपयोग निर्धारित नियमों के तहत खाद्य सामग्री खरीदने के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों का आरोप है कि बेदी ने इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया और इससे लगभग 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी हुई।
हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
अब अमेरिकी अदालत में होगी सुनवाई
अमेरिका पहुंचने के बाद बेदी को वाशिंगटन की वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है। एक अधिकारी के मुताबिक, एफबीआई अदालत से मांग करेगी कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक आरोपी को हिरासत में रखा जाए।
अदालत में पेशी के बाद मामले की आगे की दिशा न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के आदेशों के आधार पर तय होगी।
भारत-अमेरिका सहयोग के संदर्भ में अहम मामला
भारत से अमेरिका प्रत्यर्पण की यह कार्रवाई कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग को भी रेखांकित करती है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे वांछित आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
अब इस मामले में अमेरिकी अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। आरोपों की पुष्टि और आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत के फैसले से ही होगा।
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