नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर निशाना साधा है। केजरीवाल ने सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में खुद को भी ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जो लोग सरकार से सवाल पूछते हैं और भाजपा से डरते नहीं हैं, उन्हें इस तरह के शब्दों से संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने अपने बयान को प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के संदर्भ से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
केजरीवाल ने खुद को बताया ‘देशभक्त दिमागी नक्सल’
केजरीवाल ने कहा कि वह देशभक्त हैं और भाजपा से नहीं डरते। उनके मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति का सवाल पूछना या सरकार से जवाब मांगना उसे ‘दिमागी नक्सल’ बनाता है, तो वह खुद को इस नाम से बुलाए जाने पर भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल करना देश विरोधी गतिविधि नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का अधिकार है।
भगत सिंह और आंबेडकर का भी लिया नाम
अपने बयान में केजरीवाल ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वे आज जीवित होते और सरकार से सवाल करते, तो प्रधानमंत्री के कथन के अनुसार उन्हें भी इसी श्रेणी में रखा जा सकता था।
यह कहते हुए केजरीवाल ने अपने हमले को व्यापक राजनीतिक और लोकतांत्रिक बहस से जोड़ने की कोशिश की।
पानी, अस्पताल और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का उठाया जिक्र
केजरीवाल ने कहा कि देश में जो लोग बेहतर व्यवस्था, भ्रष्टाचार से मुक्ति, अच्छी जल निकासी और बेहतर अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग करते हैं, उन्हें भी ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि नागरिकों को अपनी समस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर देश के खिलाफ कोई बात होगी तो वह उसका विरोध करेंगे। उनके अनुसार, सरकार की आलोचना और देश के खिलाफ होना दो अलग-अलग बातें हैं।
संजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की।
इस तरह ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
खबर का सीधा मतलब
- केजरीवाल ने PM मोदी के बयान पर पलटवार किया।
- खुद को ‘देशभक्त दिमागी नक्सल’ बताते हुए इस पर गर्व जताया।
- सरकार से सवाल पूछने वालों को इस तरह संबोधित किए जाने पर आपत्ति जताई।
- भगत सिंह और डॉ. बीआर आंबेडकर का उदाहरण दिया।
- भ्रष्टाचार, जल निकासी और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दों को उठाया।
- संजय सिंह ने भी बयान की आलोचना की।
ACTION BHARAT HEADLINE:
“‘दिमागी नक्सल’ बयान पर केजरीवाल का पलटवार, बोले- सवाल पूछना अपराध है तो मुझे भी गर्व से कहिए दिमागी नक्सल”
नोट: ऊपर की खबर आपके दिए गए स्रोत के आधार पर तैयार की गई है। इसमें केजरीवाल के आरोपों/दावों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
