नई दिल्ली | (एक्शन भारत) पूर्वी दिल्ली के कोंडली क्षेत्र में दो पुलों के लोकार्पण के साथ राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार ने कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने को दलितों का अपमान बताया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए AAP पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
लोकार्पण कार्यक्रम से पहले कुलदीप कुमार के समर्थकों ने प्रदर्शन करते हुए “प्रवेश वर्मा वापस जाओ” के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
कुलदीप कुमार ने कहा कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, जो भाजपा का “दलित विरोधी चेहरा” दिखाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस पुल का निर्माण AAP सरकार के दौरान कम लागत में हुआ था, भाजपा ने उसमें अतिरिक्त धन जारी कर भ्रष्टाचार की कोशिश की।
इससे पहले कुलदीप कुमार ने अर्थमूवर की मदद से कोंडली पुल पर लगे बैरिकेड हटाकर पुल खोल दिया था। उस समय उन्होंने भाजपा पर तैयार पुल को जनता के लिए जानबूझकर बंद रखने का आरोप लगाया था।
वहीं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि AAP के विधायक दिल्ली के विकास में बाधक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि जो पुल AAP सरकार के समय अटका हुआ था, उसे भाजपा सरकार ने पूरा कराया है और अब उसी पर राजनीति की जा रही है।
भाजपा ने यह भी कहा कि विधानसभा में हुई सामान्य नोकझोंक को दलित मुद्दा बनाकर AAP “विक्टिम कार्ड” खेलने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि जनता विकास विरोधी राजनीति को समझ रही है।
इस पूरे विवाद ने कोंडली पुल परियोजना को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर विकास और सामाजिक सम्मान के मुद्दों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
