नई दिल्ली: अपना साप्ताहिक अखबार निकालने की योजना बना रहे पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और स्थानीय प्रकाशकों के लिए डिजिटल दौर में एक ऐसी सेवा सामने आई है, जो अखबार के संचालन और ई-पेपर से जुड़ी जरूरतों को काफी आसान बना सकती है। इस सेवा के तहत साप्ताहिक अखबारों के लिए पूरे एक साल की ई-पेपर सेवा ₹2,999 में उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा हर सप्ताह के अखबार के एक एडिशन की डिजाइनिंग सेवा सिर्फ ₹1,000 में उपलब्ध है। यानी छोटे स्तर से अपना अखबार शुरू करने वाले लोगों के लिए कंटेंट, डिजाइन और डिजिटल ई-पेपर को एक साथ मैनेज करने का विकल्प मिल सकता है।
₹2,999 में पूरे साल ई-पेपर सेवा
साप्ताहिक अखबार के लिए सालाना ई-पेपर सेवा की कीमत ₹2,999 रखी गई है। इसका मतलब है कि 12 महीने की सेवा का औसत खर्च करीब ₹250 प्रति माह बैठता है।
अगर अखबार हर सप्ताह प्रकाशित होता है तो यह सेवा सालभर के सभी साप्ताहिक संस्करणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, हालांकि वास्तविक सुविधाएं संबंधित सेवा प्रदाता की शर्तों पर निर्भर करेंगी।
हर सप्ताह की डिजाइनिंग सिर्फ ₹1,000
साप्ताहिक अखबार चलाने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हर सप्ताह अखबार का डिजाइन तैयार करना भी होती है।
इस सेवा में एक साप्ताहिक एडिशन की डिजाइनिंग की कीमत ₹1,000 बताई गई है।
अगर साल में 52 साप्ताहिक एडिशन माने जाएं तो:
₹1,000 × 52 = ₹52,000 सालाना डिजाइनिंग खर्च
इसके साथ ₹2,999 की सालाना ई-पेपर सेवा जोड़ने पर कुल खर्च लगभग:
₹54,999 प्रति वर्ष
यानी औसतन करीब ₹4,583 प्रति माह में साप्ताहिक अखबार की डिजाइनिंग और ई-पेपर सेवा का पैकेज बन सकता है।
छोटे अखबारों के लिए क्यों फायदेमंद?
स्थानीय स्तर पर साप्ताहिक अखबार शुरू करने वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या अक्सर टेक्निकल टीम, डिजाइनर और डिजिटल ई-पेपर सिस्टम की होती है। हर सप्ताह डिजाइनर रखना या अलग डिजिटल सिस्टम तैयार करना छोटे संस्थान के लिए महंगा पड़ सकता है।
ऐसी सेवा में आउटसोर्सिंग के जरिए कई काम आसान हो सकते हैं।
1. डिजाइनर रखने का खर्च कम हो सकता है
हर सप्ताह अलग से डिजाइनिंग करवाने की सुविधा मिलने पर छोटे अखबार को फुल-टाइम ग्राफिक डिजाइनर रखने की जरूरत कम हो सकती है।
2. हर सप्ताह एक निश्चित डिजाइनिंग बजट
₹1,000 प्रति एडिशन की दर से प्रकाशक पहले से अपना डिजाइनिंग बजट तय कर सकता है।
3. डिजिटल ई-पेपर की सुविधा
प्रिंट अखबार के साथ डिजिटल ई-पेपर उपलब्ध होने से पाठक मोबाइल और कंप्यूटर पर भी अखबार देख सकते हैं।
4. Archive और पुराने संस्करण
अगर सेवा में Archive जैसी सुविधा शामिल है तो पुराने संस्करणों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखना आसान हो सकता है। यह पत्रकारों और पाठकों दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है।
5. स्थानीय पत्रकारिता को बढ़ावा
छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों के लिए कम लागत में अपना साप्ताहिक प्रकाशन शुरू करने का रास्ता खुल सकता है।
एक साल का खर्च कितना बैठेगा?
| सेवा | अनुमानित लागत |
|---|---|
| सालाना ई-पेपर सेवा | ₹2,999 |
| 52 सप्ताह की डिजाइनिंग | ₹52,000 |
| कुल सालाना लागत | ₹54,999 |
| औसत मासिक लागत | लगभग ₹4,583 |
| औसत साप्ताहिक लागत | लगभग ₹1,058 |
यह गणना 52 साप्ताहिक एडिशन और हर एडिशन के लिए ₹1,000 डिजाइनिंग शुल्क के आधार पर है।
क्या-क्या काम आसान हो सकते हैं?
एक छोटे साप्ताहिक अखबार के लिए यह मॉडल खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, क्योंकि प्रकाशक अपना ध्यान मुख्य रूप से रिपोर्टिंग, खबर जुटाने, विज्ञापन और प्रसार पर लगा सकता है, जबकि डिजाइनिंग और ई-पेपर जैसे तकनीकी काम सेवा प्रदाता को दिए जा सकते हैं।
हालांकि, सेवा लेने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि पैकेज में कितने पेज की डिजाइनिंग, कितने संशोधन, PDF/E-paper सुविधा, Archive, मोबाइल व्यू, होस्टिंग, डोमेन, ऐप और अन्य तकनीकी सुविधाएं शामिल हैं।
क्या यह नया अखबार शुरू करने वालों के लिए अच्छा विकल्प है?
अगर कोई पत्रकार या मीडिया समूह सीमित बजट में साप्ताहिक अखबार शुरू करना चाहता है तो ऐसा मॉडल शुरुआती लागत को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो शुरुआत में अपना अलग डिजाइनिंग और टेक्निकल स्टाफ नहीं रखना चाहते।
लेकिन केवल कम कीमत देखकर फैसला करने के बजाय सेवा की गुणवत्ता, डिलीवरी टाइम, डिजाइन के अधिकार, ई-पेपर के स्वामित्व, डेटा/होस्टिंग और कॉपीराइट शर्तों को पहले समझना जरूरी है।
₹55 हजार के आसपास सालाना मॉडल
अगर 52 एडिशन की गणना की जाए तो ₹2,999 की ई-पेपर सेवा + ₹52,000 की सालाना डिजाइनिंग = ₹54,999 का अनुमानित वार्षिक खर्च बैठता है।
यानी करीब ₹4,583 महीने में साप्ताहिक अखबार की डिजाइनिंग और ई-पेपर सेवा को आउटसोर्स करने का विकल्प छोटे प्रकाशकों के लिए खासा उपयोगी साबित हो सकता है।
नोट: ऊपर दी गई लागत उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई दरों के आधार पर गणना की गई है। वास्तविक पैकेज और उसमें शामिल सुविधाएं सेवा प्रदाता की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती हैं। For More Information please mail on roammedianews@gmail.com
