पटना। बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने पटना के पालीगंज में कार्रवाई करते हुए नाबालिगों से जुड़ी कथित यौन शोषण सामग्री की ऑनलाइन खरीद-बिक्री के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अशोक कुमार डिजिटल माध्यमों के जरिए ऐसी अवैध सामग्री उपलब्ध कराता था और इसके बदले डिजिटल भुगतान के माध्यम से प्रति वीडियो करीब ₹20 लेता था।
📱 दो मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच के दौरान ऑनलाइन ग्रुप, यूजर अकाउंट, कथित खरीद-बिक्री से जुड़े संदेश और डिजिटल भुगतान से संबंधित साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।
बरामद उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
🔎 पूरे नेटवर्क की तलाश
CCSU अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन ऑनलाइन अकाउंट या समूहों के जरिए सामग्री का प्रसार किया जा रहा था।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जुड़े हुए अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी है।
🚨 पुलिस की अहम अपील
पुलिस ने लोगों से साफ कहा है कि नाबालिगों से संबंधित किसी भी आपत्तिजनक या यौन शोषण सामग्री को डाउनलोड, सेव या आगे शेयर न करें।
ऐसी सामग्री सामने आने पर उसे प्रसारित करने के बजाय संबंधित पुलिस या साइबर अपराध एजेंसी को सूचना देने की अपील की गई है।
🎙️ ACTION BHARAT एंकर इंट्रो
“पटना से साइबर क्राइम की बेहद गंभीर खबर सामने आई है। पालीगंज में बिहार पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने नाबालिगों से जुड़ी कथित यौन शोषण सामग्री की ऑनलाइन खरीद-बिक्री के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी डिजिटल माध्यम से ऐसी सामग्री उपलब्ध कराता था और इसके बदले करीब 20 रुपये प्रति वीडियो लेता था। दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं और अब पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।”
महत्वपूर्ण: नाबालिगों से जुड़ी ऐसी सामग्री को किसी भी रूप में साझा या प्रसारित करना अपराध हो सकता है। खबर में केवल पुलिस/रिपोर्ट में बताए गए आरोपों को प्रस्तुत किया गया है; आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत करेगी।
