TATA से 132 साल पहले शुरू हुआ था कारोबार, अंग्रेजों के लिए बनाए जहाज; जिन्ना के परिवार से भी जुड़ा है रिश्ता

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) । भारत के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में शामिल वाडिया ग्रुप की कारोबारी विरासत करीब 300 साल पुरानी है। इसकी शुरुआत 1736 में लोवजी नुसरवानजी वाडिया ने सूरत से जहाज निर्माण के कारोबार के साथ की थी।

🚢 अंग्रेजों के लिए बनाए जहाज

लोवजी वाडिया जहाज निर्माण में माहिर थे। उनका कारोबार आगे बढ़ा और वाडिया परिवार ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए भी जहाज बनाए। वाडिया ग्रुप की यह विरासत टाटा ग्रुप से करीब 132 साल पुरानी है, क्योंकि टाटा की शुरुआत 1868 में हुई थी।

🏢 आज भी कई बड़े कारोबार

आज वाडिया ग्रुप एफएमसीजी, रियल एस्टेट, टेक्सटाइल, केमिकल, प्लांटेशन और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। Britannia Industries, Bombay Dyeing और Bombay Burmah Trading Corporation इसकी प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं।

🇮🇳 जिन्ना के परिवार से कैसे जुड़ा रिश्ता?

वाडिया परिवार का रिश्ता पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के परिवार से भी जुड़ा है। जिन्ना की इकलौती संतान दीना जिन्ना ने पारसी कारोबारी परिवार के नेविल वाडिया से शादी की थी।

दीना और नेविल वाडिया के बेटे नुस्ली एन. वाडिया आज वाडिया ग्रुप के चेयरमैन हैं। यानी नुस्ली वाडिया, मोहम्मद अली जिन्ना के नाती हैं।

🔥 1736 से आज तक जारी कारोबारी सफर

जहाज निर्माण से शुरू हुआ वाडिया परिवार का कारोबार करीब तीन सदियों बाद भी भारत में कायम है। ब्रिटिश दौर, आजादी और विभाजन जैसे बड़े ऐतिहासिक बदलावों के बावजूद परिवार ने भारत में अपनी कारोबारी पहचान बनाए रखी।

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