नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों के धैर्य और तकनीक की परीक्षा माना जाता है। टी20 क्रिकेट के दौर में जहां बल्लेबाज कुछ ही गेंदों में बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसे बल्लेबाज भी हुए हैं जिन्होंने घंटों क्रीज पर टिककर गेंदबाजों को थका दिया।
ऐसा ही एक यादगार रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मुदस्सर नजर के नाम दर्ज है। उन्होंने 1977 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में 557 मिनट यानी करीब 9 घंटे 17 मिनट तक बल्लेबाजी की और शतक पूरा किया। समय के लिहाज से यह टेस्ट क्रिकेट के सबसे धीमे शतकों में सबसे चर्चित रिकॉर्ड है।
🎯 557 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे मुदस्सर नजर
मुदस्सर नजर ने 1977 में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए अपनी पारी में असाधारण धैर्य दिखाया। वह लगातार 9 घंटे 17 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे।
इस दौरान उन्होंने 520 गेंदों का सामना किया और अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी का मकसद तेजी से रन बनाना नहीं बल्कि विकेट बचाकर लंबे समय तक बल्लेबाजी करना था।
उस दौर के टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों से ऐसी पारियां खेलने की उम्मीद की जाती थी। पिच और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाज घंटों तक रक्षात्मक बल्लेबाजी करते थे और गेंदबाजों को विकेट के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती थी।
🎯 गेंदों के हिसाब से सबसे धीमा शतक किसका?
समय और गेंदों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट के धीमे शतकों के रिकॉर्ड अलग-अलग हैं।
गेंदों के लिहाज से इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज कॉलिन कॉड्रे का नाम आता है। उन्होंने 1957 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में 535 गेंदों का सामना करके शतक पूरा किया था।
इस पारी में कॉड्रे ने भी असाधारण धैर्य दिखाया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे।
यानी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दो अलग तरह के रिकॉर्ड बेहद खास हैं—एक तरफ मुदस्सर नजर का 557 मिनट में शतक, जबकि दूसरी तरफ कॉलिन कॉड्रे का 535 गेंदों में शतक।
🎯 मुदस्सर नजर का अंतरराष्ट्रीय करियर
मुदस्सर नजर पाकिस्तान के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 76 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 4114 रन बनाए।
उनका टेस्ट बल्लेबाजी औसत 38.09 रहा। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 10 शतक और 17 अर्धशतक दर्ज हैं। वह गेंदबाजी में भी योगदान देते थे और उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 66 विकेट रहे।
वनडे क्रिकेट में भी मुदस्सर नजर ने लंबा करियर बनाया। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 122 वनडे मैच खेले और 2653 रन बनाए। वनडे में उनके नाम 16 अर्धशतक दर्ज हैं और उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 111 विकेट भी हासिल किए।
🎯 कॉलिन कॉड्रे का शानदार करियर
कॉलिन कॉड्रे इंग्लैंड के महान बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 114 टेस्ट मैच खेले और 7624 रन बनाए।
उनका टेस्ट औसत 44.06 रहा। इस दौरान उन्होंने 22 शतक और 38 अर्धशतक लगाए।
1957 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी 535 गेंदों वाली पारी उस दौर के टेस्ट क्रिकेट की बल्लेबाजी शैली का उदाहरण है, जब एक बल्लेबाज के लिए क्रीज पर टिके रहना और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता था।
🎯 आज के क्रिकेट से कितना अलग था वह दौर?
आज टेस्ट क्रिकेट में भी बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं। खासकर पिछले कुछ वर्षों में आक्रामक बल्लेबाजी की शैली ने टेस्ट क्रिकेट का स्वरूप काफी बदला है।
लेकिन पहले के दौर में बल्लेबाज कई घंटों तक रक्षात्मक अंदाज में बल्लेबाजी करने से नहीं हिचकते थे। गेंद छोड़ना, डिफेंस करना और खराब गेंद का इंतजार करना उनकी रणनीति का अहम हिस्सा होता था।
इसी वजह से 500 से ज्यादा गेंदों का सामना करके शतक बनाना उस दौर में बल्लेबाज के धैर्य और एकाग्रता को दिखाता है।
🎯 दो रिकॉर्ड, दो अलग पैमाने
मुदस्सर नजर: 557 मिनट में शतक और 520 गेंदों का सामना।
कॉलिन कॉड्रे: 535 गेंदों में शतक।
इन रिकॉर्ड्स की खासियत यही है कि ये सिर्फ शतक बनाने की कहानी नहीं हैं, बल्कि उस टेस्ट क्रिकेट की याद दिलाते हैं जिसमें धैर्य, एकाग्रता और विकेट बचाना बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थी।
आज के तेजतर्रार क्रिकेट के दौर में ऐसी पारियां भले असामान्य लगें, लेकिन क्रिकेट इतिहास में इनका अपना खास स्थान है।
