दिल्ली एयरपोर्ट पर आज से बड़ा बदलाव: बोर्डिंग पास पर स्टांप की जरूरत खत्म, अब डिजिटल होगा इमिग्रेशन प्रोसेस

दिल्ली

नई दिल्ली | दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आज से इमिग्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की फिजिकल स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

नई व्यवस्था के तहत इमिग्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। यात्री अपने स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और इमिग्रेशन काउंटर पर लगने वाला समय भी घटने की उम्मीद है।

अब बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगी इमिग्रेशन की मुहर

पहले विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन क्लियरेंस के दौरान बोर्डिंग पास पर अधिकारियों से फिजिकल स्टांप लगवानी पड़ती थी। इस प्रक्रिया में कई बार यात्रियों को लाइन में इंतजार करना पड़ता था।

1 सितंबर 2026 से IGI एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास की फिजिकल स्टांपिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।

नई व्यवस्था में इमिग्रेशन क्लियरेंस का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करते हैं।

मोबाइल में दिखा सकेंगे ई-बोर्डिंग पास

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अंतरराष्ट्रीय यात्री इमिग्रेशन के दौरान अपने मोबाइल फोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे।

यानी यात्रियों को केवल स्टांप लगवाने के लिए अलग से कागजी बोर्डिंग पास संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल बोर्डिंग पास के जरिए पहचान और यात्रा संबंधी जरूरी जानकारी सिस्टम में सत्यापित की जा सकेगी।

हालांकि, यात्रियों के लिए फिजिकल बोर्डिंग पास की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

ई-गेट्स का इस्तेमाल भी आसान होगा

इमिग्रेशन प्रक्रिया में डिजिटल व्यवस्था के साथ ई-गेट्स का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।

FTI-TTP (Fast Track Immigration–Trusted Traveller Programme) में नामांकित यात्री अपने डिजिटल बोर्डिंग पास का इस्तेमाल ई-गेट्स पर कर सकेंगे। इससे योग्य यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

नई डिजिटल व्यवस्था से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है—

  • बोर्डिंग पास पर फिजिकल इमिग्रेशन स्टांप की जरूरत नहीं होगी।
  • मोबाइल में मौजूद ई-बोर्डिंग पास दिखाया जा सकेगा।
  • कागजी प्रक्रिया कम होगी।
  • इमिग्रेशन प्रक्रिया में लगने वाला समय घट सकता है।
  • लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।
  • FTI-TTP में शामिल यात्रियों को ई-गेट्स की सुविधा का लाभ मिलेगा।
  • इमिग्रेशन रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा।

यह सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट का फैसला नहीं

दिल्ली एयरपोर्ट पर लागू किया गया यह बदलाव केवल स्थानीय स्तर की व्यवस्था नहीं है। इसे आव्रजन प्राधिकरण की पूरे देश में लागू की जा रही पैन-इंडिया डिजिटल पहल का हिस्सा बताया गया है।

इसका उद्देश्य भारत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, तेज और पेपरलेस बनाना है।

ब्रिटिश एयरवेज का यात्री बना पहला उपयोगकर्ता

नई ई-बोर्डिंग पास सुविधा का इस्तेमाल करने वाले पहले यात्रियों में ब्रिटिश एयरवेज के एक ग्राहक को शामिल किया गया। दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर इस यात्री ने नई डिजिटल इमिग्रेशन व्यवस्था के तहत प्रक्रिया पूरी की।

यह बदलाव भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्या यात्रियों को फिजिकल बोर्डिंग पास रखना जरूरी नहीं होगा?

नई व्यवस्था के बाद डिजिटल बोर्डिंग पास को स्वीकार किया जाएगा, लेकिन फिजिकल बोर्डिंग पास भी स्वीकार किया जा रहा है। इसलिए जिन यात्रियों के पास कागजी बोर्डिंग पास है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास उपलब्ध होने से यात्रियों के लिए प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

डिजिटल इमिग्रेशन की दिशा में बड़ा कदम

एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज करना एक बड़ी जरूरत बन गई है। फिजिकल स्टांपिंग जैसी प्रक्रियाओं को हटाकर डिजिटल रिकॉर्ड और ई-बोर्डिंग पास को बढ़ावा देने से एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

अब दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया में एक अहम बदलाव लागू हो चुका है—बोर्डिंग पास पर स्टांप की अनिवार्यता खत्म और प्रक्रिया डिजिटल।

🔴 बड़ी खबर एक नजर में

आज से दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल में ई-बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी और FTI-TTP यात्रियों के लिए ई-गेट्स की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

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