नई दिल्ली | 18वें BRICS शिखर सम्मेलन-2026 को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान किसी भी तरह की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
इसी सिलसिले में 31 अगस्त को दिल्ली और हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में दोनों राज्यों से जुड़े सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा, अंतरराज्यीय अपराध, संदिग्ध गतिविधियों, लंबित वारंट और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बनाई संयुक्त रणनीति
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता दिल्ली पुलिस के उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त और सोनीपत के पुलिस आयुक्त ने की।
बैठक में दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना, सोनीपत जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दिल्ली के उत्तरी रेंज से सटे हरियाणा के सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अधिकारियों ने BRICS सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
BRICS सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में दिल्ली-हरियाणा सीमा से आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर भी निगरानी बढ़ाने की योजना है।
बैठक में फैसला लिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर दोनों राज्यों की पुलिस संयुक्त चेकिंग और जांच अभियान भी चलाएगी।
अपराधियों की जानकारी तुरंत होगी साझा
दोनों पुलिस बलों के बीच अपराधियों और असामाजिक तत्वों से संबंधित खुफिया जानकारी साझा करने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस व्यवस्था के तहत किसी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर संबंधित पुलिस इकाई को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इससे अंतरराज्यीय अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने में मदद मिल सकती है।
लंबित वारंटों के निष्पादन पर भी जोर
बैठक में लंबे समय से लंबित वारंटों के जल्द निष्पादन को लेकर भी चर्चा हुई।
दिल्ली या हरियाणा में अपराध करने के बाद दूसरे राज्य में छिपे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दोनों पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय किया जाएगा।
इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी सहमति बनी।
साइबर अपराध पर भी नजर
BRICS सम्मेलन की सुरक्षा केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। बैठक में साइबर अपराध से निपटने के लिए बेहतर सूचना तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करने की जरूरत पर चर्चा की।
जिला स्तर पर भी होंगी नियमित बैठकें
अंतरराष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए केवल वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर ही समन्वय नहीं रहेगा। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए जिला और उपमंडल स्तर पर भी नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इन बैठकों के जरिए स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है दिल्ली-हरियाणा पुलिस का समन्वय?
BRICS शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। दिल्ली से जुड़े हरियाणा के सीमावर्ती इलाके राजधानी में आने-जाने का महत्वपूर्ण मार्ग हैं।
ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अंतरराज्यीय अपराधियों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
BRICS Summit 2026: सुरक्षा का फोकस
- 🔴 दिल्ली-हरियाणा सीमा पर सुरक्षा मजबूत होगी
- 🔴 दोनों राज्यों की पुलिस खुफिया जानकारी साझा करेगी
- 🔴 संदिग्ध गतिविधियों पर संयुक्त निगरानी और चेकिंग
- 🔴 अंतरराज्यीय अपराधियों पर कार्रवाई तेज होगी
- 🔴 लंबित वारंटों के निष्पादन पर जोर
- 🔴 संदिग्ध लोगों के सत्यापन में तेजी
- 🔴 साइबर अपराध से निपटने के लिए बेहतर सूचना तंत्र
- 🔴 जिला और उपमंडल स्तर पर नियमित पुलिस बैठकें
कुल मिलाकर, BRICS Summit 2026 को लेकर दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा को लेकर अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। सम्मेलन के दौरान अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
