सखालिन द्वीप पर हादसा; दोनों इंजनों की पावर जाने के बाद सड़क पर उतारने की कोशिश, बाद में किनारे गड्ढे में पलटा हेलीकॉप्टर
मॉस्को। रूस के सखालिन द्वीप से एक रूसी सैन्य हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का मामला सामने आया है। 2 सितंबर को रूसी एयरोस्पेस फोर्स का Mi-8 हेलीकॉप्टर उस समय मुश्किल में फंस गया, जब उड़ान के दौरान उसके दोनों इंजनों में ईंधन खत्म होने की बात सामने आई। इंजन बंद होने के बाद क्रू ने हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने की कोशिश की। इस दौरान हाईवे को संभावित लैंडिंग क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल करना पड़ा।
घटना के बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो में हेलीकॉप्टर सड़क से सटे इलाके में क्षतिग्रस्त हालत में दिखाई दे रहा है। हालांकि हादसे में किसी के हताहत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
डेस्टिनेशन से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर था हेलीकॉप्टर
रूस समर्थक सैन्य टेलीग्राम चैनल Fighterbomber की रिपोर्ट के मुताबिक, जब हेलीकॉप्टर के दोनों इंजनों ने काम करना बंद किया, उस समय वह अपने निर्धारित एयरफील्ड से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर था।
दोनों इंजनों की शक्ति चले जाने के बाद हेलीकॉप्टर को हवा में बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। ऐसे हालात में क्रू के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता हेलीकॉप्टर को आबादी या वाहनों से दूर किसी अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर उतारने की थी।
रिपोर्ट के अनुसार क्रू ने नीचे उतरते समय सड़क पर मौजूद वाहनों को नुकसान से बचाने के लिए हेलीकॉप्टर को हाईवे से दूर करने की कोशिश की।
हाईवे पर लैंडिंग की कोशिश का वीडियो सामने आया
हादसे से जुड़े वीडियो और तस्वीरों में हेलीकॉप्टर को हाईवे के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर आते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, उसके मुख्य रोटर के ब्लेड सड़क से गुजर रहे एक ट्रक के ऊपर से कम ऊंचाई पर निकले।
यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण थी। यदि रोटर ब्लेड ट्रक से टकराते या हेलीकॉप्टर सड़क पर नियंत्रण खो देता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लैंडिंग के प्रयास के बाद हेलीकॉप्टर सड़क के किनारे स्थित एक गड्ढे में जाकर पलट गया। तस्वीरों में विमान का ढांचा घास और मिट्टी के बीच एक तरफ झुका दिखाई देता है।
हेलीकॉप्टर का टेल नंबर 72 दिखाई दिया
घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में हेलीकॉप्टर के मुख्य हिस्से पर ’72’ नंबर दिखाई देता है। मलबे के नीचे सड़क का एक मुड़ा हुआ साइन बोर्ड भी दबा नजर आता है।
इन तस्वीरों से दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में हेलीकॉप्टर को हुए नुकसान का आधिकारिक तकनीकी आकलन सामने नहीं आया है।
आखिर ईंधन खत्म कैसे हुआ?
इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि रूसी सैन्य हेलीकॉप्टर के दोनों इंजनों में एक साथ ईंधन खत्म होने की स्थिति कैसे बनी।
Fighterbomber की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी अधिकारियों ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि हेलीकॉप्टर के पास पर्याप्त ईंधन क्यों नहीं था।
रिपोर्ट में ईंधन खत्म होने की कई संभावित वजहों का संकेत दिया गया है, लेकिन किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संभावित जांच में उड़ान की योजना, ईंधन की मात्रा, वास्तविक उड़ान अवधि, मौसम और संचालन संबंधी परिस्थितियों जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है। हालांकि इन बिंदुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Mi-8 रूस का प्रमुख सैन्य परिवहन हेलीकॉप्टर
Mi-8 दुनिया के सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले हेलीकॉप्टर परिवारों में से एक है। इसे मूल रूप से सोवियत संघ में विकसित किया गया था और इसका इस्तेमाल परिवहन, सैनिकों तथा सामान की आवाजाही, खोज-बचाव और दूसरे सैन्य एवं सरकारी कार्यों में किया जाता रहा है।
Mi-8 परिवार के हेलीकॉप्टर रूस के अलावा कई अन्य देशों में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। लंबे समय से सेवा में होने के कारण इस हेलीकॉप्टर के कई आधुनिक और अलग-अलग भूमिकाओं वाले संस्करण विकसित किए जा चुके हैं।
हालांकि किसी भी विमान की तरह Mi-8 के संचालन में भी रखरखाव, मौसम, ईंधन प्रबंधन और तकनीकी स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2026 में Mi-8 से जुड़ी घटनाएं भी चर्चा में
Fighterbomber ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2026 में रूसी सेना और पैरामिलिट्री से जुड़े Mi-8 हेलीकॉप्टरों को आपातकालीन लैंडिंग और दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है।
हालांकि, इन घटनाओं को इस दुर्घटना से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा। प्रत्येक विमान हादसे के पीछे अलग तकनीकी या संचालन संबंधी कारण हो सकते हैं।
रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान नहीं
इस घटना की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
इसलिए फिलहाल ईंधन खत्म होने को दुर्घटना का कारण बताने वाली जानकारी मुख्य रूप से Fighterbomber की रिपोर्ट पर आधारित है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों इंजनों की शक्ति क्यों चली गई और ईंधन प्रबंधन में कोई गलती हुई थी या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण था।
बड़ा हादसा टला
घटना की सबसे गंभीर स्थिति उस समय बनी जब हेलीकॉप्टर को हाईवे के आसपास उतारने की कोशिश करनी पड़ी। सड़क पर वाहनों की मौजूदगी के बावजूद क्रू ने हेलीकॉप्टर को नियंत्रित करने की कोशिश की और अंततः उसे सड़क से हटाकर किनारे की ओर ले जाया गया।
हेलीकॉप्टर का गड्ढे में पलटना नुकसानदायक जरूर रहा, लेकिन उपलब्ध जानकारी में किसी नागरिक वाहन से टक्कर या बड़े पैमाने पर जनहानि की खबर नहीं है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल ईंधन की कमी और दोनों इंजनों के एक साथ बंद होने की परिस्थितियों को समझना है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
