असम (Action Bharat) | तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय के भाषण के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी हुई। विवाद बढ़ने के बाद द्रमुक ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय मुद्दे को भटकाने का आरोप लगाया। वहीं मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में द्रमुक के शासनकाल में भ्रष्टाचार और कथित पार्टी फंड वसूली जैसे मुद्दे उठाकर विपक्ष पर पलटवार किया।
🔴 15 सवालों के जवाब नहीं देने का आरोप
विधानसभा से बाहर आने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था और दिनदहाड़े होने वाली हत्याओं समेत 15 अहम सवालों के जवाब देने से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने मुद्दे को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।
उदयनिधि ने मुख्यमंत्री के भाषण को लेकर भी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि सदन में मौजूदा समस्याओं पर जवाब देने के बजाय पुराने राजनीतिक और जांच से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया।
🗣️ मुख्यमंत्री पर ‘भटकाव की राजनीति’ का आरोप
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय ने सरकारिया आयोग, मीसा और ईडी से जुड़े पुराने मामलों का उल्लेख करके मौजूदा सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश की।
द्रमुक नेता ने मुख्यमंत्री के भाषण को ‘रटी हुई सिनेमाई स्क्रिप्ट’ जैसा बताते हुए कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा था, उन पर चर्चा नहीं हुई।
⛏️ खनन कारोबार को लेकर भी लगाए आरोप
उदयनिधि स्टालिन ने खनन अनुबंधों को लेकर भी मुख्यमंत्री के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, विष्णु रेड्डी, उनके रिश्तेदार सुजय रेड्डी और बिजनेस पार्टनर अनिल रेड्डी के जरिए कथित तौर पर एक गुप्त कार्टेल चलाया जा रहा है।
उदयनिधि ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित सबूत हैं और वे इन्हें एक-एक करके सार्वजनिक करेंगे।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिन लोगों के नाम उदयनिधि ने आरोपों में लिए, उनकी ओर से इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
⚖️ विधानसभा अध्यक्ष पर भी लगाए पक्षपात के आरोप
द्रमुक नेता ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर पर भी सत्ता पक्ष के प्रति कथित रूप से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
इसी के बाद द्रमुक सदस्यों ने सदन से बाहर निकलने का फैसला किया।
🔥 मुख्यमंत्री विजय ने द्रमुक पर किया पलटवार
वहीं मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में द्रमुक के पिछले शासनकाल को निशाने पर लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार और कथित पार्टी फंड वसूली से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया।
इस तरह गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया और अंततः द्रमुक के वॉकआउट के साथ मामला विधानसभा के बाहर तक पहुंच गया।
नोट: इस खबर में लगाए गए राजनीतिक और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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