नई दिल्ली (Action Bharat) | दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में अवैध निर्माण और असुरक्षित पीजी-हॉस्टलों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम (MCD) को अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई तेज करने और MCD के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी पीजी और हॉस्टलों का सघन निरीक्षण कराने को कहा गया है।
• सभी PG और हॉस्टलों की होगी जांच
सरकार के निर्देश के बाद दिल्ली में संचालित पीजी और हॉस्टलों का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिल, सुरक्षा मानकों और भवन की स्थिति समेत विभिन्न पहलुओं को देखा जाएगा।
जहां नियमों का उल्लंघन या अवैध निर्माण पाया जाएगा, वहां संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
• अवैध निर्माण कब हुआ, अब खुलेगा रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल मौजूदा अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के बजाय पुराने बिल्डिंग रिकॉर्ड की भी जांच करने को कहा है।
रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि संबंधित इमारत में अवैध निर्माण किस वर्ष हुआ था और उस समय संबंधित इलाके की जिम्मेदारी किस अधिकारी या प्राधिकरण के पास थी।
इससे अवैध निर्माण की समयावधि के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर संभावित जवाबदेही भी तय करने में मदद मिलेगी।
• वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर रहेंगे
कार्रवाई के दौरान MCD के वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि जहां गंभीर अवैध निर्माण या सुरक्षा उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई हो।
• सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी चिंता
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला पीजी भवन गिरने की घटना के बाद राजधानी में पीजी और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
प्रारंभिक जांच में कथित अतिरिक्त निर्माण, बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर बिना अनुमति किए गए बदलाव तथा भवन की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
• हादसे के बाद सीलिंग और जांच का दौर
हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति की जांच शुरू की और चार मंजिल से ऊपर के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच के भी निर्देश दिए थे।
• PG-Hospital को लेकर नई व्यवस्था की तैयारी
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार निजी पीजी और हॉस्टलों को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए नई नियामक व्यवस्था लाने की तैयारी में है।
प्रस्तावित व्यवस्था में पीजी के लिए लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस, स्ट्रक्चरल सेफ्टी और फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र तथा सार्वजनिक पोर्टल पर पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जा सकती हैं।
• अब सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, जवाबदेही का भी
सरकार के ताजा निर्देशों का सबसे अहम पहलू यह है कि अवैध निर्माण के साथ-साथ उसके लिए जिम्मेदारी की समय-रेखा भी तय करने पर जोर दिया गया है।
अब रिकॉर्ड की जांच से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि निर्माण कब हुआ, उस समय किस अधिकारी के पास निगरानी की जिम्मेदारी थी और संबंधित निर्माण के खिलाफ उस समय कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में शुरू होने वाला यह अभियान राजधानी में अवैध निर्माण और अनियमित पीजी व्यवस्था पर कितना प्रभावी साबित होता है, यह आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
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