नोएडा (Action Bharat) | गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस ने बुधवार को मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल तक करीब 20 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इस विशेष कॉरिडोर के जरिए एक जीवित दिल को एंबुलेंस से महज 16 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मरीज के हृदय प्रत्यारोपण की प्रक्रिया होनी थी।
इस पूरे अभियान में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच बेहतर समन्वय के चलते समय पर दिल अस्पताल पहुंच सका और इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज का ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया।
• चंडीगढ़ से एयर एंबुलेंस के जरिए हिंडन पहुंचा जीवित दिल
डीसीपी प्रभारी अभय कुमार मिश्र के अनुसार, फोर्टिस अस्पताल में भर्ती एक मरीज का हृदय प्रत्यारोपण किया जाना था। इसके लिए बुधवार दोपहर करीब एक बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट से जीवित दिल को एयर एंबुलेंस के माध्यम से गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट लाया गया।
हिंडन एयरपोर्ट पर दिल पहुंचने के बाद उसे सड़क मार्ग से फोर्टिस अस्पताल तक ले जाना था। इसके लिए यातायात पुलिस ने पहले से विशेष व्यवस्था तैयार की।
• 20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर, रास्ते में नहीं लगा जाम
हिंडन एयरपोर्ट से नोएडा सेक्टर-62 तक करीब 20 किलोमीटर के रास्ते को ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील किया गया। पुलिसकर्मियों ने मार्ग पर यातायात को नियंत्रित किया, ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के निर्धारित समय में अस्पताल तक पहुंच सके।
दोपहर करीब दो बजे हिंडन एयरपोर्ट से एंबुलेंस रवाना हुई। इसे एलिवेटेड रोड के रास्ते इंदिरापुरम और सीआईएसएफ क्षेत्र से आगे ले जाते हुए सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया।
• 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात
ग्रीन कॉरिडोर को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद से नोएडा तक 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन पुलिसकर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया और एंबुलेंस के लिए रास्ता पूरी तरह सुगम बनाए रखने में सहयोग किया।
इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट या यातायात संबंधी समस्या के कारण बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।
• 16 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिल
पुलिस की विशेष व्यवस्था के चलते करीब 20 किलोमीटर की दूरी केवल 16 मिनट में पूरी की गई। जीवित दिल को समय पर अस्पताल पहुंचाना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि अंग प्रत्यारोपण के मामलों में समय की अहम भूमिका होती है।
दिल के अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की और मरीज का ट्रांसप्लांट सफल रहा।
• पुलिस आयुक्त ने टीम को दी बधाई
इस सफल ग्रीन कॉरिडोर के लिए पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने मरीज की मदद के लिए समय पर ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर जीवित दिल को अस्पताल तक पहुंचाने में पुलिसकर्मियों के प्रयास की सराहना की।
यह अभियान दिखाता है कि पुलिस, यातायात विभाग और चिकित्सा टीमों के बीच बेहतर तालमेल से गंभीर चिकित्सा परिस्थितियों में मरीजों के लिए समय पर मदद पहुंचाना संभव है।
