नई दिल्ली। एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पुरस्कार समारोह में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। अब भारतीय टीम के मुख्य कोच अमूल मजूमदार ने खुलासा किया है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था, बल्कि बीसीसीआई की ओर से टीम को पहले ही निर्देश दिया गया था।
मजूमदार के मुताबिक, टीम को स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यदि मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए आगे आते हैं तो भारतीय खिलाड़ी उनसे ट्रॉफी स्वीकार न करें। टीम ने उसी निर्देश के अनुरूप कदम उठाया। इससे पहले पुरुष एशिया कप के दौरान भी भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था और वह ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे।
• कोच ने कहा—हम चैंपियन हैं: मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमूल मजूमदार ने कहा कि बीसीसीआई का जो रुख था, टीम उसके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि उनके लिए टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा चैंपियन बनना था और भारत के एशिया कप विजेता बनने की बात आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होगी।
मजूमदार ने कहा कि टीम अब एशियन गेम्स की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए कहा कि खिलाड़ी अपनी जीत से खुश हैं।
• फाइनल में भारत की शानदार जीत: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। शेफाली वर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 68 रन की पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल थे।
• 111 रन पर सिमटी श्रीलंका: 184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से श्रीचरणी ने चार विकेट और दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट झटके। शेफाली वर्मा और प्रेमा रावत को भी एक-एक सफलता मिली।
इस तरह भारत ने 72 रन से मुकाबला जीतकर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। ट्रॉफी समारोह को लेकर हुए घटनाक्रम के बावजूद भारतीय टीम ने अपना ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और खिताब जीतने पर केंद्रित रखा।
