चंडीगढ़ | श्री अकाल तख्त साहिब के दिशानिर्देशों के पालन की दिशा में पंजाब सरकार ने ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट 2026’ को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पंजाब सरकार ने एक्ट को सुचारू रूप से लागू करने और इससे जुड़े विषयों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए 7 सदस्यीय तालमेल कमेटी का गठन किया है।
सरकार के अनुसार, यह कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पहले से गठित कमेटी के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखने का काम करेगी। इसका उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन मर्यादा और सत्कार से जुड़े विषयों पर धार्मिक दिशानिर्देशों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।
अकाल तख्त साहिब की कमेटी के साथ रहेगा समन्वय
पंजाब सरकार की ओर से गठित 7 सदस्यीय कमेटी को मुख्य रूप से तालमेल और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार के मुताबिक कमेटी—
- श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित कमेटी के संपर्क में रहेगी।
- सत्कार एक्ट 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर समन्वय करेगी।
- धार्मिक मर्यादा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए काम करेगी।
- संबंधित मामलों में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक पक्ष के साथ तालमेल बनाने में भूमिका निभाएगी।
कमेटी में धार्मिक, न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव वाले सदस्य
पंजाब सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार कमेटी में धार्मिक क्षेत्र के साथ-साथ न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों को शामिल किया गया है।
7 सदस्यीय कमेटी में शामिल नाम
- ज्ञानी रघबीर सिंह — श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार
- संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा — दमदमी टकसाल के मुखी
- रिटायर्ड जस्टिस जसपाल सिंह
- रिटायर्ड जस्टिस गुरबीर सिंह
- जतिंदर सिंह औलख — सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं पंजाब लोक सेवा आयोग के चेयरमैन
- प्रीत इंदर पॉल सिंह — वरिष्ठ कानून अधिकारी
उपलब्ध खबर में कमेटी को 7 सदस्यीय बताया गया है, लेकिन दी गई सूची में छह नाम ही दर्ज हैं। इसलिए सातवें सदस्य का नाम उपलब्ध सामग्री के आधार पर स्पष्ट नहीं है और उसे जोड़ना उचित नहीं होगा।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार और बेअदबी से जुड़े कानून पर जोर
‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट 2026’ का संदर्भ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन मर्यादा, सत्कार और बेअदबी से जुड़े मामलों से है।
सरकार द्वारा गठित कमेटी के माध्यम से इन विषयों पर धार्मिक संस्थाओं और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही गई है।
सरकार के अनुसार, कमेटी का गठन अकाल तख्त साहिब के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किया गया है।
धार्मिक मर्यादा और कानून-व्यवस्था के बीच समन्वय
इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पहलू धार्मिक मर्यादा और राज्य की कानून-व्यवस्था के बीच समन्वय का है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि नवगठित कमेटी अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ संपर्क बनाए रखेगी। इससे धार्मिक मामलों से जुड़े दिशानिर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार के फैसले की मुख्य बातें
- पंजाब सरकार ने 7 सदस्यीय तालमेल कमेटी गठित की।
- कमेटी का गठन ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट 2026’ के क्रियान्वयन से जुड़ा है।
- कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित कमेटी के साथ समन्वय करेगी।
- धार्मिक मर्यादा और कानून-व्यवस्था के बीच तालमेल बनाने पर जोर है।
- कमेटी में धार्मिक, न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव वाले लोगों को शामिल किया गया है।
- उपलब्ध सामग्री में कमेटी के छह सदस्यों के नाम दिए गए हैं, जबकि कमेटी को सात सदस्यीय बताया गया है।
Action Bharat | चंडीगढ़
पंजाब सरकार का यह फैसला श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सत्कार और बेअदबी से जुड़े कानूनी एवं प्रशासनिक मामलों में अकाल तख्त साहिब के दिशानिर्देशों के साथ सरकारी तंत्र के समन्वय से जुड़ा है। कमेटी की आगे की भूमिका और एक्ट के क्रियान्वयन से जुड़े ठोस कदम आने वाले समय में स्पष्ट होंगे।
