नई दिल्ली (Action Bharat) | हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गांव निवासी संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को तिहाड़ जेल से कस्टडी पैरोल पर बाहर आया। दिल्ली की द्वारका अदालत ने उसे अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण समारोह में शामिल होने की अनुमति दी थी।
काला जठेड़ी को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अपने गांव स्थित घर ले जाया गया, जहां उसने परिवार के साथ नामकरण समारोह में हिस्सा लिया।
सुबह से शाम तक पुलिस कस्टडी में रहा
अदालत की अनुमति के अनुसार काला जठेड़ी करीब सुबह 10-11 बजे से शाम 4-5 बजे तक पुलिस कस्टडी में अपने घर पर रहा।
कार्यक्रम के दौरान घर और गांव के आसपास दिल्ली एवं हरियाणा पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
जुड़वां बेटियों के नामकरण में हुआ शामिल
काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी, जिन्हें मीडिया रिपोर्टों में ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जाता है, ने करीब तीन महीने पहले IVF प्रक्रिया के जरिए जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था।
बेटियों के नामकरण के अवसर पर घर में:
- हवन-यज्ञ
- नामकरण संस्कार
- अन्य धार्मिक रस्में
आयोजित की गईं। इन्हीं कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल मिली थी।
पहले भी मिल चुकी है कस्टडी पैरोल
रिपोर्ट के अनुसार, काला जठेड़ी को इससे पहले भी शादी और बेटियों के जन्म के अवसर पर कस्टडी पैरोल दी जा चुकी है।
इस दौरान वह पुलिस की निगरानी में निर्धारित समय और शर्तों के अनुसार परिवार से मिला।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इनमें हत्या, रंगदारी और धमकी समेत विभिन्न आरोप शामिल हैं।
नामकरण समारोह समाप्त होने के बाद उसे पैरोल की निर्धारित शर्तों के तहत वापस जेल ले जाया गया।
