नई दिल्ली (Action Bharat) | पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में प्रस्तावित आरोग्य मंदिर के लिए जमीन खाली कराने पहुंची दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। जागरण की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व विधायक दयानंद चंदेला ने कार्रवाई का विरोध किया और घर के मुख्य दरवाजे के सामने कपड़े उतारकर खड़े हो गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
आरोग्य मंदिर के लिए खाली कराई जा रही जमीन
अधिकारियों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत चौपाल की जमीन पर आरोग्य मंदिर का निर्माण किया जाना है। इसके लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और संबंधित विभाग को कब्जा हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सोमवार को डूसिब की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही पूर्व विधायक की ओर से विरोध किया गया, जिसके बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी। डूसिब कर्मचारियों ने स्थल पर लगी लोहे की ग्रिल को कटर से काटकर अंदर जाने का प्रयास भी किया, हालांकि इसमें सफलता नहीं मिली।
जमीन के मालिकाना हक को लेकर क्या है रिकॉर्ड?
रिपोर्ट के अनुसार, नजफगढ़ रोड विकास योजना के एलओपी में चौपाल की जमीन का मालिकाना हक डूसिब के पास बताया गया है। वहीं चौपाल का निर्माण सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) की ओर से कराया गया था और उसका कब्जा भी उसी विभाग के पास था।
अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरोग्य मंदिर बनाने की योजना के बाद जमीन का कब्जा डूसिब को सौंपने और स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मौके पर पुलिस बल तैनात
प्रशासन की ओर से किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जमीन खाली कराने और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
दयानंद चंदेला 2003 से 2008 तक विष्णु गार्डन और 2008 से 2013 तक राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं।
Action Bharat | Delhi Desk
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