देहरादून में फर्जी दस्तावेजों से MBBS दाखिले का मामला, दो गिरफ्तार; 45-45 लाख रुपये लेने का आरोप

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देहरादून (Action Bharat) | NEET-UG 2025 के आधार पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए MBBS में दाखिला दिलाने के कथित मामले में देहरादून पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।

तीन अभ्यर्थियों के लिए तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज

मामले की शुरुआत 13 सितंबर 2026 को राजस्व उपनिरीक्षक की शिकायत से हुई। शिकायत में बताया गया कि तीन आवेदकों ने सरकारी पोर्टल पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

SIT ने संभाली जांच

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में SIT गठित की गई। टीम ने संबंधित दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जांच में दस्तावेजों में दर्ज पते भी गलत पाए गए। इसके बाद टीम ने संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से भी जानकारी जुटाई।

MBBS सीट के लिए 45-45 लाख रुपये लेने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, तीनों अभ्यर्थियों के MBBS दाखिले के लिए कथित तौर पर करीब 45-45 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए जाने का भी आरोप है।

दाखिला और कक्षाएं शुरू होने के बाद बाकी रकम लेने की बात तय होने का आरोप है।

एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाता था एक आरोपित

गिरफ्तार आरोपित रूपेश पंडित के बारे में पुलिस का कहना है कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। मेरठ में वह मेकोडो नाम से कंपनी संचालित करता था।

पुलिस के अनुसार, कंपनी के जरिए विभिन्न विश्वविद्यालयों और विदेशों में MBBS, BTech, BDS समेत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने के लिए कमीशन पर काम करने की बात सामने आई है।

दूसरा आरोपित पुराना परिचित

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दूसरा आरोपित अरविंद कुमार रूपेश का पुराना परिचित बताया गया है। जांच में सामने आया कि अरविंद ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए रूपेश से संपर्क किया था।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में

SIT अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नोट: 45-45 लाख रुपये लेने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से जुड़े तथ्य पुलिस जांच में सामने आए आरोप हैं। मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होंगे।

Action Bharat | Uttarakhand Desk

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