बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली (Action Bharat) | जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों से जुड़े दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। सरकार ने 24 दिसंबर 2009 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों पर नियुक्त पात्र कर्मचारियों को नई पेंशन व्यवस्था (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS/Defined Pension Scheme) में जाने का एकमुश्त विकल्प दिया है।
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने रहबर-ए-तालीम (ReT) योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए अनिवार्य TET से छूट की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अपने आप में अंतिम कानूनी बदलाव नहीं है और इसके लागू होने के लिए संबंधित संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
24 दिसंबर 2009 की कट-ऑफ क्यों अहम?
सरकार के आदेश के अनुसार उन कर्मचारियों को OPS का विकल्प दिया गया है जिनकी नियुक्ति ऐसे पदों के खिलाफ हुई थी, जिन्हें NPS लागू होने से पहले विज्ञापित या अधिसूचित किया गया था। इस व्यवस्था की कट-ऑफ तारीख 24 दिसंबर 2009 रखी गई है।
यह फैसला सभी NPS कर्मचारियों पर लागू नहीं है। लाभ के लिए कर्मचारी को आदेश में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
दिल्ली समेत दूसरे UT कर्मचारियों की नजर
जम्मू-कश्मीर के इस फैसले के बाद उन केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों की भी इस मुद्दे पर नजर है, जहां पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर अलग-अलग स्तर पर मांगें और कानूनी मामले चल रहे हैं।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर का यह आदेश अपने आप दिल्ली या किसी दूसरे राज्य/UT के कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। प्रत्येक सरकार और प्रशासन को अपने लागू नियमों तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसला करना होगा।
शिक्षकों को TET से छूट का प्रस्ताव
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सितंबर में ReT योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्य शर्त से राहत देने के उद्देश्य से प्रस्ताव पारित किया।
लेकिन विधानसभा का प्रस्ताव और अंतिम कानूनी छूट दो अलग-अलग चरण हैं। प्रस्ताव को प्रभावी बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के मौजूदा संवैधानिक ढांचे के तहत आवश्यक मंजूरियां और प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
8वें वेतन आयोग से अलग है यह फैसला
यह भी समझना जरूरी है कि OPS में जाने का फैसला और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें अलग-अलग विषय हैं। OPS/NPS पेंशन व्यवस्था से जुड़ा मामला है, जबकि वेतन आयोग का मुख्य संबंध वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों के पुनरीक्षण से होता है।
इसलिए जम्मू-कश्मीर में OPS के इस फैसले को सीधे 8वें वेतन आयोग की वेतन वृद्धि या पेंशन लाभ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा?
OPS के मामले में पात्र कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प और संबंधित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। वहीं TET छूट के प्रस्ताव का अंतिम प्रभाव संबंधित मंजूरियों और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
Action Bharat | जम्मू-कश्मीर में प्री-NPS विज्ञापित पदों पर नियुक्त पात्र कर्मचारियों के लिए OPS का विकल्प और ReT शिक्षकों के TET से जुड़े प्रस्ताव ने सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों के बीच इन दोनों मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
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