टाटा मोटर्स PV के मुनाफे को बड़ा झटका, 80% गिरकर ₹775 करोड़; JLR की बिक्री भी 9% घटी

कारोबार

नई दिल्ली। टाटा समूह में जहां एक ओर टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश तेज है, वहीं दूसरी तरफ टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों ने कंपनी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। कंपनी का तिमाही मुनाफा सालाना आधार पर करीब 80 प्रतिशत घटकर ₹775 करोड़ रह गया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने करीब ₹4,000 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।

📉 मुनाफा घटा, लेकिन राजस्व में बढ़ोतरी

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड राजस्व पहली तिमाही में 9.3 प्रतिशत बढ़कर ₹95,799 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, बढ़ती लागत और कम मुनाफेदारी के कारण इसका फायदा कंपनी के नेट प्रॉफिट में नहीं दिखाई दिया।

कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर ₹95,338 करोड़ हो गया। कमोडिटी की बढ़ती कीमतों को इसके पीछे प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।

EBITDA मार्जिन पर भी दबाव

कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 6.4 प्रतिशत घटकर ₹7,128 करोड़ रह गया। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 8.7 प्रतिशत से घटकर 7.4 प्रतिशत हो गया।

टैक्स और विशेष मदों से पहले का मुनाफा भी 59.3 प्रतिशत घटकर ₹1,606 करोड़ रह गया। इससे साफ है कि राजस्व बढ़ने के बावजूद लागत और मार्जिन का दबाव कंपनी के प्रदर्शन पर भारी पड़ा है।

🚘 JLR की बिक्री में 9.2% की गिरावट

टाटा मोटर्स के लिए एक और चिंता की बात उसकी लग्जरी कार कंपनी Jaguar Land Rover (JLR) का प्रदर्शन है। पहली तिमाही में JLR की थोक बिक्री में 9.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी के मुताबिक, सप्लाई में अस्थायी रुकावटों का बिक्री पर असर पड़ा। तिमाही की शुरुआत में एक बड़े कंपोनेंट सप्लायर के यहां आग लगने की घटना भी सप्लाई चेन के लिए चुनौती बनी।

🌍 मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ा लागत दबाव

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कमोडिटी की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इसका सीधा असर कंपनी की लागत पर पड़ा है। कंपनी के कुल खर्च में राजस्व के मुकाबले तेज वृद्धि हुई, जिसके कारण मुनाफे और मार्जिन दोनों पर दबाव बढ़ गया।

🔎 टाटा समूह के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद समूह नए चेयरमैन की तलाश में जुटा है। ऐसे समय में टाटा मोटर्स PV के कमजोर मुनाफे ने निवेशकों और बाजार के लिए कंपनी की लागत, मार्जिन और JLR के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण मुद्दा बना दिया है।

हालांकि, राजस्व में 9.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कंपनी की बिक्री और कारोबार में गतिविधि बनी हुई है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी बढ़ती लागत और JLR से जुड़ी चुनौतियों से किस तरह निपटती है।

मुख्य बातें एक नजर में

  • नेट प्रॉफिट: ₹775 करोड़
  • मुनाफे में गिरावट: करीब 80%
  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹95,799 करोड़
  • रेवेन्यू ग्रोथ: 9.3%
  • EBITDA: ₹7,128 करोड़
  • EBITDA मार्जिन: 7.4%
  • JLR थोक बिक्री: 9.2% कम
  • कुल खर्च: ₹95,338 करोड़

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