नई दिल्ली, Action Bharat | थाईलैंड में लगातार भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राजधानी बैंकॉक में करीब 7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में अब भी पानी जमा है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
थाईलैंड के आपदा रोकथाम और शमन विभाग (DDPM) के मुताबिक, बाढ़ का असर देश के 77 में से 29 प्रांतों तक पहुंच गया है। मंगलवार को बैंकॉक में चार और मौतों की पुष्टि के बाद देश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 23 हो गई।
बैंकॉक में सबसे ज्यादा असर
राजधानी बैंकॉक में करीब 48 घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई। इसके बाद शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। कुछ इलाकों में बारिश रुकने के कई दिन बाद भी पानी जमा हुआ है।
हालात को देखते हुए शहर के कुछ हिस्सों में आपदा संबंधी कदम उठाए गए और स्कूलों को बंद किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी में 230 से अधिक शेल्टर होम बनाए गए हैं, जहां करीब 7,000 लोग शरण लिए हुए हैं।
बाढ़ के कारण सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सामने आई तस्वीरों में कई वाहन पानी में डूबे नजर आए, जबकि सुवर्णभूमि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं।
कई प्रांतों में हुई मौतें
DDPM के अनुसार, बैंकॉक के अलावा बाढ़ से सबसे अधिक मौतें समुत प्राकान और सा काएओ में दर्ज की गई हैं। समुत प्राकान में आठ और सा काएओ में छह लोगों की मौत हुई है।
इसके अलावा बैंकॉक के दक्षिण-पूर्व में स्थित चंथाबुरी तथा राजधानी के उत्तर में स्थित अयुथ्या और साराबुरी में भी लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
राहत और पानी निकालने का काम जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पानी निकालने के लिए पंपिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में पानी का स्तर कम होने में समय लग रहा है।
बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकालने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
नहरों में बढ़ा पानी, जल निकासी पर दबाव
बैंकॉक ऐतिहासिक रूप से दलदली क्षेत्र में बसा शहर है और यहां नहरों का व्यापक नेटवर्क मौजूद है। भारी बारिश के बाद कई नहरों में पानी का स्तर बढ़ गया है, जिससे शहर की जल निकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
सितंबर थाईलैंड में सामान्य तौर पर अधिक बारिश वाला महीना माना जाता है, लेकिन स्थानीय निवासियों के मुताबिक इस बार बाढ़ की स्थिति पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक गंभीर महसूस हो रही है।
मौसम की तीव्रता को लेकर वैज्ञानिकों की चेतावनी
वैज्ञानिकों ने लंबे समय से चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण अत्यधिक बारिश जैसी मौसम संबंधी घटनाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ सकती है।
फिलहाल थाईलैंड के प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं और प्रशासन जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा पानी निकालने के प्रयास कर रहा है।
