बढ़ते समुद्री जलस्तर और घटते भूजल से शहरों पर दोहरा खतरा, जमीन धंसने की रफ्तार बढ़ी

विदेश

वेलिंगटन (Action Bharat) | जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, वहीं शहरों में भूजल का लगातार दोहन जमीन धंसने का खतरा बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन दोनों स्थितियों का असर खासतौर पर तटीय शहरों पर पड़ रहा है, जहां बाढ़ और जलभराव का जोखिम बढ़ सकता है।

‘द कन्वर्सेशन’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से लेकर चीन के तटीय शहर तिआनजिन तक कई शहर भूजल की कमी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना कर रहे हैं।

जकार्ता और तिआनजिन पर बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, जकार्ता के तटीय इलाके हर साल करीब 10 सेंटीमीटर की दर से धंस रहे हैं। वहीं, तिआनजिन को लेकर अनुमान है कि यदि शहर को बचाने के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो वर्ष 2120 तक यहां की करीब 15 प्रतिशत आबादी को विस्थापित करना पड़ सकता है।

सैन डिएगो से लेकर ईरान के प्रमुख शहरों तक भी भूजल का दोहन उसकी प्राकृतिक भरपाई से तेज गति से हो रहा है। अध्ययन के अनुसार, 1920 से 1960 के बीच बड़े पैमाने पर भूजल निकाले जाने के कारण कई शहरों में जलस्तर 30 मीटर से अधिक नीचे चला गया और कुछ स्थानों पर जमीन दो मीटर तक धंस गई।

भूजल रिचार्ज में मददगार हो सकती हैं फॉल्टलाइनें

विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ जेसी कीयर्स के अध्ययन में बताया गया है कि धरती के भीतर मौजूद फॉल्टलाइनें भूजल के दोबारा भरने में मदद कर सकती हैं। फॉल्टलाइन पृथ्वी की ऊपरी परत में मौजूद दरारें होती हैं, जिन्हें आमतौर पर भूकंप के जोखिम से जोड़ा जाता है।

जापान में 44 कुओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि कुछ स्थानों पर भूजल का स्तर, जो पहले 500 मीटर तक नीचे चला गया था, वर्ष 1985 तक पुराने स्तर पर लौट आया। वैज्ञानिकों ने इनसार तकनीक और उपग्रह रडार माप के जरिए जमीन तथा भूजल स्तर में बदलाव का अध्ययन किया।

हर जगह एक जैसी नहीं है भूजल की स्थिति

अध्ययन में पाया गया कि अलग-अलग शहरों में भूजल रिचार्ज की गति समान नहीं थी। जिन क्षेत्रों के नीचे फॉल्टलाइन मौजूद थीं, वहां पानी तेजी से जमीन के भीतर पहुंचा। इससे संकेत मिलता है कि ये दरारें भूजल के पुनर्भरण में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

हालांकि, फॉल्टलाइन भूकंप का जोखिम भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूजल संरक्षण की योजना बनाते समय इन प्राकृतिक संरचनाओं की भूमिका और उनसे जुड़े जोखिमों, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।

#ClimateChange #Groundwater #SeaLevelRise #LandSubsidence #Jakarta #Tianjin #Environment #ActionBharat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *