उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में 17 सितंबर से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ-साथ उनके रखरखाव में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है।
कई खेल परिसरों में चला सफाई अभियान
DDA के अनुसार, साकेत, नेताजी सुभाष, हरिनगर, पश्चिम विहार, द्वारका सेक्टर-11 और 17, मेजर ध्यानचंद, पूर्वी दिल्ली खेल परिसर, चिल्ला और यमुना खेल परिसर सहित कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया।
इसके अलावा कुतुब गोल्फ कोर्स और DDA लेक व्यू गोल्फ कोर्स में भी पार्किंग, हरित क्षेत्रों और सार्वजनिक उपयोग वाले स्थानों की सफाई की गई।
कचरे के लिए लगाए गए हरे और नीले डस्टबिन
अभियान के तहत गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने के लिए हरे और नीले रंग के दोहरे कूड़ेदान लगाए गए हैं। एकल उपयोग वाली प्लास्टिक बोतलों पर रोक लगाने और पानी की सुविधा के लिए डिस्पेंसर भी लगाए गए हैं।
बच्चों और स्थानीय लोगों को जोड़ने की पहल
DDA ने अभियान के तहत तीन विशेष पहल शुरू की हैं—
- ग्रीन से जुड़ें: बच्चों को पेड़-पौधों और पर्यावरण की देखभाल से जोड़ना।
- कूड़ेदान भरने से पहले: कचरे की नियमित निगरानी और समय पर उठान सुनिश्चित करना।
- राजधानी का संकल्प: सार्वजनिक स्थलों और शौचालयों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना।
प्राधिकरण का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल एक महीने तक सफाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों में सार्वजनिक संपत्तियों को स्वच्छ रखने की स्थायी जिम्मेदारी विकसित करना है।
अब सवाल यह है कि अभियान के बाद भी DDA के पार्कों और खेल परिसरों में सफाई तथा कचरा प्रबंधन की यह व्यवस्था कितनी नियमित बनी रहती है।
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