बैंक लोन रिजेक्ट होने से बचना है तो व्यापारी न करें ये 5 गलतियां, अप्लाई करने से पहले जान लें जरूरी बातें

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | कारोबार शुरू करने या उसे विस्तार देने के लिए बैंक से लोन लेना कई व्यापारियों और MSME उद्यमियों की जरूरत होती है। हालांकि, बड़ी संख्या में व्यावसायिक ऋण आवेदन खराब क्रेडिट स्कोर, कमजोर प्रोजेक्ट रिपोर्ट और दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण खारिज हो जाते हैं।

बैंक लोन मंजूर करने से पहले केवल बिजनेस आइडिया नहीं देखते, बल्कि आवेदक की कर्ज चुकाने की क्षमता, कारोबार का मॉडल और भविष्य में होने वाले कैश फ्लो का भी आकलन करते हैं। ऐसे में लोन के लिए आवेदन करने से पहले इन पांच गलतियों से बचना जरूरी है।

1. खराब CIBIL स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री

बिजनेस लोन के लिए कोई एक न्यूनतम CIBIL स्कोर सभी बैंकों पर लागू नहीं होता। अलग-अलग बैंक और वित्तीय संस्थान अपने मानदंड तय करते हैं। हालांकि, 750 या उससे अधिक स्कोर को सामान्य तौर पर मजबूत माना जाता है और इससे लोन मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है।

यदि आवेदक ने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI समय पर नहीं चुकाई है, उसका खाता NPA हो चुका है या उसे डिफॉल्टर घोषित किया गया है, तो नए लोन की मंजूरी मुश्किल हो सकती है।

2. अधूरी या कमजोर DPR तैयार करना

DPR यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट किसी भी बिजनेस लोन आवेदन का अहम हिस्सा होती है। इसमें कारोबार की पूरी योजना, प्रोजेक्ट की लागत, मशीनरी, कच्चा माल, बाजार, अनुमानित बिक्री, मुनाफा, कैश फ्लो, रोजगार और लोन चुकाने की योजना जैसी जानकारी होनी चाहिए।

सिर्फ लागत और अनुमानित बिक्री लिखकर रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है। बैंक कारोबार की व्यवहार्यता और वित्तीय अनुमान का आधार भी देखना चाहते हैं। अधूरी DPR आवेदन खारिज होने की वजह बन सकती है।

3. बिक्री और मुनाफे के अवास्तविक अनुमान

यदि कोई व्यापारी अपनी रिपोर्ट में पहले ही साल करोड़ों रुपये की बिक्री या असामान्य मुनाफे का अनुमान दिखाता है, लेकिन उसके समर्थन में ठोस जानकारी नहीं होती, तो बैंक उस अनुमान पर संदेह कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई आवेदक हर महीने 10 लाख रुपये की बिक्री का दावा करता है, लेकिन उसके पास बाजार, ग्राहकों और मांग से जुड़ा स्पष्ट आकलन नहीं है, तो उसकी परियोजना कमजोर मानी जा सकती है।

4. बाजार, खरीदार और लागत की सही जानकारी न देना

बैंक यह जानना चाहते हैं कि उत्पाद या सेवा कौन खरीदेगा, बाजार कितना बड़ा है और प्रतिस्पर्धा किस स्तर की है। इन सवालों के स्पष्ट जवाब न होने पर बिजनेस मॉडल भरोसेमंद नहीं लगता।

इसके अलावा, मशीनरी और अन्य सामान की कीमत बढ़ाकर दिखाना या स्पष्ट कोटेशन न देना भी आवेदन पर सवाल खड़े कर सकता है। अधिक लोन लेने के लिए परियोजना को वास्तविकता से बड़ा दिखाना जोखिम भरा हो सकता है।

5. दस्तावेजों में गड़बड़ी और पहले से ज्यादा कर्ज

DPR के अलावा GST, ITR और बैंक स्टेटमेंट में दी गई जानकारी का आपस में मेल खाना भी जरूरी है। इन दस्तावेजों में अंतर या जरूरी कागजात की कमी से बैंक आवेदन रोक सकते हैं।

यदि आवेदक पर पहले से अधिक कर्ज है या उसकी आय के मुकाबले EMI का बोझ ज्यादा है, तो बैंक उसकी लोन चुकाने की क्षमता पर सवाल उठा सकते हैं। कमजोर बिजनेस मॉडल भी आवेदन खारिज होने का एक अहम कारण हो सकता है।

लोन अप्लाई करने से पहले क्या करें?

व्यापारियों को आवेदन से पहले अपना क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री जांचनी चाहिए। DPR में वास्तविक बिक्री, लागत और मुनाफे के अनुमान दें तथा बाजार और संभावित ग्राहकों की जानकारी के साथ उनका आधार भी प्रस्तुत करें। GST, ITR, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों में एकरूपता रखें।

बैंक द्वारा लोन आवेदन खारिज किए जाने पर उसके प्रमुख कारण लिखित रूप में मांगे जा सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले कमियों को समझना और उन्हें ठीक करना लोन मंजूरी की संभावना बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

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