अदाणी ग्रुप ने खरीदी एक और पावर कंपनी, PFC कंसल्टिंग के साथ किया सौदा; ₹4,700 करोड़ की ट्रांसमिशन योजना से जुड़ा अधिग्रहण

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | अदाणी समूह की कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने सतारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (SPTL) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने यह अधिग्रहण PFC कंसल्टिंग लिमिटेड से किया है। AESL ने 7 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।

कंपनी के मुताबिक, शेयर परचेज एग्रीमेंट 6 अक्टूबर 2026 को किया गया और उसी दिन लेनदेन पूरा भी हो गया। AESL ने SPTL की 100 प्रतिशत इक्विटी नकद में अधिग्रहित की है। कंपनी के अनुसार, इस सौदे के लिए किसी नियामक या सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी।

महाराष्ट्र की रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को मिलेगा फायदा

सतारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड का अधिग्रहण महाराष्ट्र में करीब ₹4,700 करोड़ की ट्रांसमिशन योजना से जुड़ा है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में लगभग 4,500 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज क्षमता की निकासी को मजबूत करना है।

SPTL को 10 जुलाई 2026 को स्थापित किया गया था और यह इस ट्रांसमिशन परियोजना को विकसित करने के लिए विशेष प्रयोजन वाहन यानी Special Purpose Vehicle (SPV) के तौर पर काम करेगा।

765 केवी ट्रांसमिशन कॉरिडोर होगा विकसित

परियोजना के तहत नरेंद्र-कोल्हापुर-सतारा-पुणे-III या पुणे ईस्ट रूट के जरिए दक्षिणी और पश्चिमी ग्रिड को जोड़ने वाला अतिरिक्त 765 केवी इंटर-रीजनल ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किया जाना है।

इसका उद्देश्य कर्नाटक से महाराष्ट्र के प्रमुख मांग केंद्रों तक नवीकरणीय ऊर्जा पहुंचाने के साथ-साथ पंप-स्टोरेज परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली को सतारा, पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र तक पहुंचाने की क्षमता मजबूत करना है।

₹4,700 करोड़ SPTL की कीमत नहीं

फाइलिंग में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि ₹4,700 करोड़ की राशि सतारा पावर ट्रांसमिशन कंपनी की इक्विटी वैल्यू नहीं है। यह राशि उस प्रस्तावित ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना से संबंधित है, जिसे नई कंपनी के माध्यम से विकसित किया जाना है।

SPTL की अधिकृत और चुकता पूंजी फिलहाल केवल ₹1 लाख बताई गई है और कंपनी का कोई पिछला टर्नओवर इतिहास नहीं है। इसकी वजह यह है कि कंपनी का गठन हाल ही में किया गया है।

AESL का ट्रांसमिशन कारोबार लगातार बढ़ रहा

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ट्रांसमिशन कारोबार में यह अधिग्रहण कंपनी की बढ़ती परियोजना पाइपलाइन का हिस्सा है। जून 2026 की तिमाही प्रस्तुति के अनुसार, कंपनी के पास ₹71,779 करोड़ की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक थी, जिसमें 13 परियोजनाएं शामिल थीं।

कंपनी का संचालित ट्रांसमिशन नेटवर्क करीब 27,949 सर्किट किलोमीटर का था और इसकी उपलब्धता 99.63 प्रतिशत बताई गई थी।

जून 2026 की तिमाही में AESL ने ₹9,711.08 करोड़ की शुद्ध बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 42.41 प्रतिशत अधिक थी। कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) 137.58 प्रतिशत बढ़कर ₹1,285.13 करोड़ पहुंच गया।

शेयरधारक मूल्य बढ़ाने पर जोर

AESL ने कहा है कि वह शेयरधारकों के लिए मूल्य निर्माण के उद्देश्य से ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों अवसरों पर काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, सतारा पावर ट्रांसमिशन का यह अधिग्रहण संबंधित-पक्ष लेनदेन नहीं है और प्रमोटर समूह या अन्य समूह कंपनियों का SPTL में कोई हित नहीं है।

महाराष्ट्र में बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और बिजली की मांग के बीच यह परियोजना राज्य के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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