नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद है। लेकिन एक सवाल लगातार चर्चा में है—क्या 8वें वेतन आयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी भी बढ़ेगी?
इसका जवाब है नहीं। प्रधानमंत्री का वेतन केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे में नहीं आता।
🎯 संसद तय करती है प्रधानमंत्री का वेतन
प्रधानमंत्री और केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी तय करने की प्रक्रिया अलग है। वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन-पेंशन में बदलाव किया जाता है।
वहीं, प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के वेतन एवं भत्ते संसद कानून के जरिए तय करती है।
प्रधानमंत्री के वेतन और भत्तों से संबंधित प्रावधान Salaries and Allowances of Ministers Act, 1952 के तहत आते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के वेतन में आखिरी संशोधन 2018 में किया गया था।
🎯 8वें वेतन आयोग से किन्हें फायदा?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ने की उम्मीद है।
आयोग कर्मचारियों, संगठनों और पेंशनभोगियों से सुझाव ले रहा है और अलग-अलग शहरों में बैठकें आयोजित कर रहा है।
🎯 जयपुर से बेंगलुरु तक बैठकें
आयोग की आगामी बैठकें 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर, 16 से 18 सितंबर को चंडीगढ़ और 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रस्तावित हैं।
इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों, यूनियनों, संगठनों और पेंशनभोगियों समेत संबंधित पक्ष अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रख सकते हैं।
यानी साफ है कि 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री की सैलरी बढ़ाने का फैसला वेतन आयोग नहीं, बल्कि संसद करती है।
