नई दिल्ली (Action Bharat) | जुलाई में CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ा एक्शन लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद क्राइम ब्रांच ने करीब 2,874 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब हिंसा से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
हिंसा पूर्व नियोजित थी या भीड़ में घुसे थे उपद्रवी?
क्राइम ब्रांच इस बात की जांच करेगी कि नई दिल्ली जिले में हुई हिंसा पहले से सुनियोजित थी या संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ आपराधिक तत्व भीड़ में शामिल हो गए थे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के अलावा पुलिस वाहनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की तस्वीरें भी सामने आई थीं।
2,873 लोगों की हुई थी पहचान
दिल्ली पुलिस ने 20 से 26 जुलाई के बीच जंतर-मंतर के आसपास फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों से लैस दो वाहनों का इस्तेमाल किया था। पुलिस के अनुसार, इन कैमरों के जरिए 2,873 ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनके आपराधिक रिकॉर्ड या पुलिस डोजियर उपलब्ध थे।
इनमें 2,402 लोग ‘क्राइम कुंडली’ रिकॉर्ड और 471 लोग डोजियर रिकॉर्ड से जुड़े बताए गए हैं। हालांकि, पुलिस ने यह भी माना है कि FRS तकनीक में किसी व्यक्ति के हमशक्ल की पहचान होने की संभावना हो सकती है। इसलिए क्राइम ब्रांच जांच के दौरान वास्तविक पहचान और भूमिका की पुष्टि करेगी।
दिल्ली पुलिस ने 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में 2,873 लोगों का विवरण देते हुए हलफनामा भी दाखिल किया था।
118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल
हिंसा के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घायलों में विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों के साथ महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे। भीड़ द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है। घटना के दौरान करीब 20 सरकारी वाहनों और सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है।
अब क्राइम ब्रांच 20 से 26 जुलाई के बीच हुई हिंसा की पूरी घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका, कथित पूर्व योजना और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की जांच करेगी।
#ActionBharat #DelhiNews #DelhiPolice #CrimeBranch #CJPProtest #DelhiProtest #JantarMantar #SupremeCourt #FIR #BreakingNews #NewDelhi
