पटना (Action Bharat) | बिहार के पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दानापुर पशुपालन कार्यालय के एक निम्नवर्गीय लिपिक को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान विजय कुमार के रूप में हुई है।
GPF भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, नौबतपुर निवासी राजेन्द्र प्रसाद ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि पशुपालन कार्यालय के लिपिक विजय कुमार उनसे जीपीएफ के करीब 6 लाख रुपये के भुगतान के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई।
एम्स गोलंबर की पान दुकान पर बुलाया
निगरानी डीएसपी आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया। आरोपित लिपिक ने रिश्वत की रकम लेने के लिए परिवादी को पटना के एम्स गोलंबर के पास स्थित बुल्लु पान दुकान पर बुलाया था।
जैसे ही विजय कुमार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, निगरानी विभाग की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद विशेष न्यायालय में पेशी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी लिपिक से पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे पटना स्थित निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस साल 108 घूसखोर गिरफ्तार
निगरानी विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 108 रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके पास से कुल 38 लाख 8 हजार रुपये की रिश्वत की रकम तथा करीब 37 हजार रुपये मूल्य की एक वॉशिंग मशीन जब्त की गई है।
वहीं, वर्ष 2025 में निगरानी विभाग ने 101 ट्रैप मामले दर्ज किए थे। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक की कार्रवाई में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रिश्वतखोर लोकसेवक पकड़े जा चुके हैं।
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