मुकेश अंबानी की रिलायंस समर्थित आलोक इंडस्ट्रीज ने बेची 100% हिस्सेदारी, Mileta a.s. अब नहीं रही सहायक कंपनी

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नई दिल्ली (Action Bharat) | मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी वाली आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड के माध्यम से Mileta a.s. में अपनी 100% हिस्सेदारी बेच दी है। कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह बिक्री 9 अक्टूबर 2026 को पूरी हुई। इसके साथ ही Mileta a.s. अब आलोक इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी नहीं रही।

इस कदम को कंपनी की व्यावसायिक पुनर्गठन रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों से बाहर निकलकर अपने मुख्य कारोबार और संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना है।

आलोक इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में क्या बताया?

आलोक इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड ने 9 अक्टूबर 2026 को Mileta a.s. में अपनी पूरी इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री पूरी कर ली।

इस लेनदेन के बाद Mileta a.s. का आलोक इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी के रूप में दर्जा समाप्त हो गया है। कंपनी ने इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को इस हिस्सेदारी की बिक्री की योजना के बारे में जानकारी दी थी।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सौदे की कुल कीमत और खरीदार का नाम नहीं बताया गया है।

कौन हैं आलोक इंडस्ट्रीज के मालिक?

आलोक इंडस्ट्रीज कपड़ा उद्योग से जुड़ी कंपनी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में दिवालियापन समाधान प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड की प्रमुख हिस्सेदारी है।

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज: लगभग 40.01% हिस्सेदारी
  • जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन: लगभग 34.99% हिस्सेदारी

इस तरह आलोक इंडस्ट्रीज में रिलायंस इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, लेकिन कंपनी का पूरा स्वामित्व केवल रिलायंस के पास नहीं है।

क्यों बेची गई Mileta a.s. की हिस्सेदारी?

रिपोर्ट के अनुसार, आलोक इंडस्ट्रीज अपने कारोबार को अधिक व्यवस्थित बनाने और अपनी मुख्य व्यावसायिक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों और सहायक कंपनियों से बाहर निकलने का उद्देश्य संसाधनों को मुख्य कारोबार की ओर केंद्रित करना और टेक्सटाइल क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना बताया गया है।

निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?

Mileta a.s. की पूरी हिस्सेदारी बेचने से आलोक इंडस्ट्रीज के कॉरपोरेट ढांचे में बदलाव हुआ है। हालांकि, इस सौदे का कंपनी की आय, मुनाफे और भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह सौदे की कीमत और आगामी वित्तीय नतीजों जैसी जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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