दिल्ली में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, 14 अक्टूबर से 5 नए चार्जिंग स्टेशन होंगे शुरू; 2030 तक 32 हजार चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य

दिल्ली

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में 14 अक्टूबर 2026 से राजधानी में पांच नए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने की योजना है। इन स्टेशनों के शुरू होने से एक साथ 26 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी।

नांगलोई से आनंद विहार तक बनेंगे नए चार्जिंग स्टेशन

प्रस्तावित पांच चार्जिंग स्टेशन नांगलोई, केशव कुंज, रोहिणी सेक्टर-37, नंद नगरी और आनंद विहार में स्थापित किए गए हैं। इनका संचालन दिल्ली परिवहन निगम (DTC) द्वारा किया जाएगा।

क्षमता का विवरण इस प्रकार है:

  • आनंद विहार: एक साथ 10 इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हो सकेंगे।
  • नांगलोई: एक साथ 4 वाहन चार्ज करने की सुविधा।
  • केशव कुंज: एक साथ 4 वाहन चार्ज करने की सुविधा।
  • रोहिणी सेक्टर-37: एक साथ 4 वाहन चार्ज करने की सुविधा।
  • नंद नगरी: एक साथ 4 वाहन चार्ज करने की सुविधा।

इन पांच केंद्रों से कुल 26 वाहनों को एक साथ चार्ज किया जा सकेगा।

दिल्ली में अभी कितने चार्जिंग स्टेशन हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में फिलहाल 1,919 चार्जिंग स्टेशन और 9,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, राजधानी में 232 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी हैं।

सरकार का उद्देश्य चार्जिंग सुविधाओं को लोगों के घरों और कार्यस्थलों के करीब पहुंचाना है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने वालों को बैटरी चार्ज करने में परेशानी न हो।

2030 तक 32 हजार चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य

दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़े स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट में सरकार का लक्ष्य 2030 तक चार्जिंग पॉइंट की संख्या बढ़ाकर 32,000 करने का बताया गया है।

वहीं, दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026-30 में भी वर्ष 2030 तक लगभग 30,000 चार्जिंग पॉइंट विकसित करने का लक्ष्य उल्लेखित है। इन दोनों आंकड़ों में अंतर को देखते हुए अंतिम लक्ष्य और उसकी कार्ययोजना के आधिकारिक विवरण पर ध्यान देना जरूरी है।

382 नए चार्जिंग केंद्रों को मिली मंजूरी

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने दिल्ली में 382 नए चार्जिंग केंद्र विकसित करने के लिए मंजूरी दी है। बिजली मंत्री आशीष सूद के अनुसार, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग और DTC ने पहले कुल 456 संभावित स्थलों की पहचान की थी।

इसके बाद मंजूर स्थलों का दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरत के अनुसार आकलन किया गया। इन केंद्रों के विकास से राजधानी में चार्जिंग सुविधाओं का दायरा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का समय पर विस्तार महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग सुविधाओं की उपलब्धता, केंद्रों की क्षमता और अलग-अलग इलाकों में उनकी पहुंच भी महत्वपूर्ण होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार की गति तेज करने की जरूरत है, ताकि बढ़ती मांग के अनुरूप सुविधाएं विकसित हो सकें।

अब बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली में प्रस्तावित 382 नए चार्जिंग केंद्रों का निर्माण कितनी तेजी से पूरा होगा और क्या सरकार 2030 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल कर पाएगी।

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