मणिपुर में 12 घंटे के भीतर हिंसा में 9 लोगों की मौत, घरों में आगजनी और गोलीबारी से बढ़ा तनाव

क्राइम

इंफाल (Action Bharat) | मणिपुर में हिंसा की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर हालात को गंभीर बना दिया है। राज्य के तीन जिलों में महज 12 घंटे के भीतर हुई गोलीबारी, हिंसक झड़पों और आगजनी में 9 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में एक महिला, एक किसान और कई अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में तनाव बना हुआ है।

चास्साद गांव से शुरू हुई हिंसा

रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत शुक्रवार रात कामजोंग जिले के चास्साद गांव में हुई। यहां 42 वर्षीय कुकी महिला डोमखोनेई तौथांग की गोली लगने से मौत हो गई।

बताया गया है कि पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम गांव में सुरक्षा गार्ड पोस्ट हटाने पहुंची थी, जिसका स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई और महिला उसकी चपेट में आ गईं। उनके पैर और सीने में गोली लगी थी।

घरों में आगजनी और गोलीबारी

महिला की मौत के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। शनिवार सुबह चास्साद गांव में हुए एक हमले में 22 वर्षीय माइकल गाममिनलेन हाओकिप की मौत हो गई। इस दौरान कई कुकी समुदाय के घरों में आग लगाए जाने की भी खबर है।

वहीं, भारत-म्यांमार सीमा के पास निंगचो गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा दो नागा नागरिकों की गोली मारकर हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कांगपोकपी और उखरूल में भी हिंसा

कांगपोकपी जिले के मकुई असांग गांव में भी उग्रवादियों के हमले और नागा ग्राम रक्षकों की जवाबी कार्रवाई के दौरान गोलीबारी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में चार ग्राम रक्षकों की मौत हो गई। एक मृतक के शव के साथ बर्बरता किए जाने की खबर भी सामने आई है।

इसके अलावा, उखरूल जिले में महादेव-तोलॉई-पुफसेरो सड़क पर वाहन चला रहे 40 वर्षीय गोरखा किसान संदीप राय की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

प्रशासन ने उठाए सुरक्षा कदम

ताजा घटनाओं के बाद कामजोंग जिले में निषेधाज्ञा लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान से क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित होने की आशंका है।

प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और हिंसा की घटनाओं की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं में शामिल लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर होनी बाकी है।

मणिपुर में शांति बहाली की चुनौती

मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव की खबरों के बीच ताजा हिंसा ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गोलीबारी और आगजनी में आम लोगों की जान जाने के साथ घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

अब सबसे बड़ी चुनौती हिंसा को रोकना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करना है।

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