चंडीगढ़ (Action Bharat) | पंजाब में नशे के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए गुजरात के कांडला पोर्ट से कथित तौर पर 3,000 किलो नशीला पदार्थ पकड़े जाने का मुद्दा उठाया। मान ने सवाल किया कि पंजाब सरकार को दोष देने से पहले केंद्र को अपनी जिम्मेदारी पर भी ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर अमित शाह को निशाने पर लिया। उनका यह बयान उस राजनीतिक विवाद के बीच आया है, जिसमें पंजाब में नशे की समस्या और इसे रोकने की जिम्मेदारी को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
‘मेरे बारे में बोलने से पहले सलाहकारों से सलाह ले लेते’
भगवंत मान ने अपनी पोस्ट में अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि उनके बारे में टिप्पणी करने से पहले गृह मंत्री को अपने सलाहकारों से सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए था।
मान ने लिखा, “भगवंत मान को दोष देने से पहले अपनी जिम्मेदारी संभालो।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमित शाह अपने सलाहकारों द्वारा लिखे गए ट्वीट को कॉपी-पेस्ट कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान को नशे के मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाने और राजनीतिक जवाब देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कांडला पोर्ट से 3,000 किलो नशीला पदार्थ पकड़े जाने का जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी पोस्ट में गुजरात के कांडला पोर्ट से 3,000 किलो ‘चिट्टा’ पकड़े जाने का उल्लेख किया। उन्होंने इस घटना को उठाते हुए सवाल किया कि जब देश के दूसरे हिस्सों में भी नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है, तो पंजाब को लेकर केंद्र की जिम्मेदारी पर भी चर्चा होनी चाहिए।
यहां ‘चिट्टा’ शब्द का इस्तेमाल नशीले पदार्थ के लिए किया जाता है। कांडला पोर्ट पर पकड़ी गई खेप से संबंधित मात्रा और मामले के अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
बीएसएफ के 50 किलोमीटर के अधिकार क्षेत्र का भी उठाया मुद्दा
भगवंत मान ने अपने बयान में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 50 किलोमीटर के अधिकार क्षेत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस संदर्भ के जरिए नशे की तस्करी रोकने में केंद्र सरकार और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाया।
मान का तर्क है कि नशे की समस्या को लेकर केवल पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, बल्कि केंद्र और राज्य—दोनों स्तरों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हालांकि, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र और किसी विशेष नशीले पदार्थ की खेप के मामले में संबंधित एजेंसियों की वास्तविक भूमिका को समझने के लिए लागू नियमों और आधिकारिक तथ्यों को देखना आवश्यक है।
केजरीवाल के बाद मान का जवाब
खबर के अनुसार, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अमित शाह पर निशाना साधा। इससे पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिले हैं।
इस विवाद में एक ओर केंद्र की तरफ से पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी के नेता केंद्र की जिम्मेदारी और दूसरे राज्यों में नशीले पदार्थों की बरामदगी का मुद्दा उठा रहे हैं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई पर केंद्र और राज्य में टकराव
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक कैसे लगे और युवाओं को नशे से कैसे बचाया जाए।
भगवंत मान के बयान ने एक बार फिर यह बहस सामने ला दी है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारियां क्या हैं और जवाबदेही किस स्तर पर तय होनी चाहिए।
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