प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी! 440 टन प्याज लेकर अगरतला पहुंचेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’, 211 शहरों में ₹13 प्रति किलो तक सस्ती हुई कीमत

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने और पूर्वोत्तर राज्यों में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एक और विशेष ट्रेन ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना की है। इस ट्रेन के जरिए 440 टन प्याज का बफर स्टॉक त्रिपुरा की राजधानी अगरतला पहुंचाया जा रहा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, खेप के 18 अक्टूबर 2026 तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे त्रिपुरा के कई जिलों में प्याज की आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

सरकार का कहना है कि वह प्याज की कीमतों, मंडियों में आवक और बाजार में उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है। पिछले दो सप्ताह में देश के 211 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में ₹1 से लेकर ₹13 प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है।

त्रिपुरा के सात जिलों तक पहुंचेगा प्याज

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए अगरतला तक बड़ी खेप भेजी जा रही है।

इससे त्रिपुरा के आठ में से सात जिलों में बाजारों तक प्याज पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इन जिलों में शामिल हैं:

  • धलाई
  • दक्षिण त्रिपुरा
  • खोवाई
  • उनाकोटी
  • पश्चिम त्रिपुरा
  • गोमती
  • सिपाहीजाला

इस पहल का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में प्याज की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना और परिवहन संबंधी चुनौतियों के बीच बाजार में इसकी उपलब्धता बेहतर बनाना है।

पहले भी पूर्वोत्तर भेजा गया प्याज

सरकार के अनुसार, इससे पहले ‘कांदा एक्सप्रेस’ के माध्यम से असम में बफर स्टॉक से प्याज पहुंचाया गया था। अब तक दो विशेष ट्रेनों से क्रमशः 840 टन और 452 टन प्याज भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

इसके अतिरिक्त, 44 ट्रकों के जरिए 1,513.46 टन प्याज पूर्वोत्तर क्षेत्र तक पहुंचाया गया है। वितरण नेटवर्क के तहत असम, त्रिपुरा और नगालैंड के विभिन्न बाजारों में प्याज उपलब्ध कराया गया।

इन स्थानों में कामरूप, गुवाहाटी, गोमती, दीमापुर, सिपाहीजाला, कोहिमा, नियूलैंड और चुमौकेदिमा शामिल हैं।

2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक

केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) जैसी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा है।

यह स्टॉक जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) योजना के तहत चुनिंदा शहरों में रियायती दर पर प्याज भी बेच रही है। मंत्रालय के अनुसार, इन स्थानों पर प्याज ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।

हालांकि, यह दर सभी शहरों और दुकानों पर लागू हो, ऐसा जरूरी नहीं है। उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र में उपलब्धता और बिक्री केंद्र की जानकारी स्थानीय स्तर पर जांचनी चाहिए।

211 शहरों में ₹13 प्रति किलो तक गिरा खुदरा भाव

मंत्रालय के अनुसार, खरीफ प्याज की नई आवक बढ़ने के साथ प्रमुख मंडियों में कीमतों में नरमी आई है। देशभर में प्याज का औसत मंडी भाव सितंबर में लगभग ₹3,600 प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर से घटकर अक्टूबर में करीब ₹3,300 प्रति क्विंटल रह गया।

इसके अलावा, पिछले दो सप्ताह के दौरान 211 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में ₹1 से ₹13 प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई।

यह गिरावट अलग-अलग शहरों में अलग-अलग रही है। इसलिए सभी जगह प्याज ₹13 सस्ता हुआ है, ऐसा नहीं कहा जा सकता।

क्या आम लोगों को मिलेगा सस्ता प्याज?

कांदा एक्सप्रेस से प्याज की आपूर्ति बढ़ने और बफर स्टॉक से बाजार में बिक्री होने पर कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। खासकर पूर्वोत्तर के उन क्षेत्रों में इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां परिवहन और आपूर्ति की चुनौतियों के कारण बाजार तक प्याज पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।

सरकार ने कहा है कि वह मंडियों में आवक, खुदरा कीमतों और आपूर्ति की स्थिति की निगरानी जारी रखेगी। जरूरत पड़ने पर बाजार में अतिरिक्त प्याज जारी करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

अब देखना होगा कि अगरतला और आसपास के जिलों में प्याज की नई खेप पहुंचने के बाद बाजार में उपलब्धता और खुदरा कीमतों पर कितना असर पड़ता है।

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