नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026। भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम को बड़ा बढ़ावा मिला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने Astra Microwave Products को करीब ₹2,205 करोड़ का ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों के लिए विकसित किए जा रहे स्वदेशी ‘उत्तम’ AESA रडार से जुड़ा है।
कंपनी को 122 एक्टिव एंटीना एरे यूनिट और 121 इंटरफेस फ्रेम की आपूर्ति करनी होगी। यह रडार तेजस Mk-1A के दूसरे बैच में लगाया जाएगा, जिससे विमान की टारगेट पहचान और ट्रैकिंग क्षमता काफी बेहतर होगी।
क्या है ‘उत्तम’ रडार?
‘उत्तम’ एक स्वदेशी Active Electronically Scanned Array (AESA) रडार है, जिसे DRDO की Electronics & Radar Development Establishment (LRDE) ने विकसित किया है। HAL इसका मुख्य इंटीग्रेटर है, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) प्रमुख सबसिस्टम उपलब्ध कराएगा।
इसकी खासियतें
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लगभग 150 किमी तक लक्ष्य पहचानने की क्षमता
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हवा-से-हवा, हवा-से-जमीन और समुद्री मिशनों में उपयोग
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Synthetic Aperture Radar (SAR) इमेजिंग
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Ground Moving Target Indication (GMTI)
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इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के माहौल में बेहतर प्रदर्शन
उत्तम Mk-1 में 912 ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल लगे हैं, जो तेजस को आधुनिक हवाई युद्ध के लिए अधिक सक्षम बनाते हैं।
तेजस के कितने विमान होंगे इससे लैस?
तेजस Mk-1A के कुल 180 विमानों का ऑर्डर दिया गया है। शुरुआती 83 विमान इजरायली EL/M-2052 रडार के साथ आएंगे, जबकि बाद के विमानों में स्वदेशी उत्तम AESA रडार लगाया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
आधुनिक युद्ध में रडार केवल लक्ष्य खोजने का उपकरण नहीं, बल्कि पूरे युद्धक्षेत्र की रियल-टाइम स्थितिजन्य जागरूकता देने वाला प्रमुख सेंसर है। स्वदेशी रडार के उपयोग से भारत की विदेशी निर्भरता घटेगी और मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।
