राम मंदिर से दूरी के बाद अब ‘चंदा चोरी’ पर सपा का दांव, 2027 में BJP के वोटबैंक में सेंध की तैयारी?

राजनीति

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को राजनीतिक रूप से जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान सपा सांसदों ने लगातार इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा।

सत्र के दौरान जहां विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरते नजर आए, वहीं सपा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल रखा। अब संसद सत्र खत्म होने के बाद सपा सांसदों की ओर से जुटाई गई राशि को दिल्ली के हनुमान मंदिर में दान किए जाने से इस मुद्दे की राजनीतिक दिशा और स्पष्ट होती दिखाई दे रही है।

2027 के चुनाव से पहले सपा का नया दांव

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अयोध्या और राम मंदिर से जुड़ा कोई भी मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।

सपा लगातार भाजपा पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाती रही है। लेकिन अब पार्टी राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले को उठाकर भाजपा को उसके ही हिंदुत्व और अयोध्या के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषण के नजरिए से देखें तो यह रणनीति सपा के लिए ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की दिशा में एक कदम के रूप में भी देखी जा रही है।

संसद में लगातार उठाया ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा

मानसून सत्र के दौरान सपा सांसदों ने संसद परिसर में कई दिनों तक प्रदर्शन किया। सांसदों ने मकर द्वार के सामने दानपात्र रखकर और हाथों में तख्तियां लेकर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले पर सरकार से जवाब मांगा।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों में पार्टी के कई सांसद शामिल हुए।

अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद भी कई मौकों पर दानपात्र लेकर प्रदर्शन करते नजर आए।

दानपात्र लेकर संसद में पहुंचे सपा सांसद

सपा सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान दानपात्र के साथ पानी, दूध और अन्य सामग्री भी रखी। इन प्रदर्शनों का मकसद राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करना था।

31 जुलाई को बिहार से कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी साधु के वेश में संसद पहुंचे और सपा सांसदों के साथ इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन ने राजनीतिक रूप से काफी सुर्खियां बटोरीं।

2.15 लाख रुपये हनुमान मंदिर में किए दान

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद सपा सांसदों ने अपने प्रदर्शन के दौरान जुटाए गए चंदे को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में दान किया।

सपा सांसदों के अनुसार कुल 2,15,490 रुपये और दो चांदी के सिक्के मंदिर में दान किए गए।

दान की रसीद पर समाजवादी पार्टी संसदीय दल का उल्लेख किया गया।

इस दौरान अवधेश प्रसाद, धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, आदित्य यादव, देवेश शाक्य, रुचि वीरा और राजीव राय समेत कई सांसद मौजूद रहे।

‘चुनावी मुद्दा नहीं, जनता के बीच ले जाएंगे’

सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि यह राशि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों से जुटाई गई थी।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी इसे केवल चुनावी मुद्दे के तौर पर नहीं देख रही, बल्कि जनता के सामने यह सवाल रखना चाहती है कि राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर पारदर्शिता कैसी है।

सपा का कहना है कि जनता खुद भाजपा से इस मुद्दे पर जवाब मांग सकती है।

क्या भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को चुनौती देने की तैयारी?

राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक लाभ भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षा के मुताबिक नहीं मिला। इसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या और राम मंदिर को लेकर नए राजनीतिक विमर्श देखने को मिले।

अब सपा इसी मुद्दे से जुड़े चढ़ावे के विवाद को उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है।

पार्टी की रणनीति का एक अहम हिस्सा यह भी हो सकता है कि वह हिंदू धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करे, जबकि अपनी पारंपरिक सामाजिक और धर्मनिरपेक्ष राजनीति को भी बनाए रखे।

अखिलेश यादव के लिए कितना असरदार होगा दांव?

2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के मजबूत हिंदुत्व और संगठनात्मक आधार का मुकाबला करना होगी।

ऐसे में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा घोटाले को मुद्दा बनाना सपा को भाजपा के खिलाफ एक नया राजनीतिक हथियार दे सकता है। हालांकि यह मुद्दा वास्तव में चुनावी स्तर पर कितना प्रभाव डालेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे।

सपा के लिए चुनौती यह भी होगी कि वह धार्मिक मुद्दे को उठाते हुए अपनी धर्मनिरपेक्ष राजनीति और अपने पारंपरिक वोटबैंक के बीच संतुलन कैसे बनाए रखती है।

NEWS FOR ACTION BHARAT

राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मुद्दे को सपा ने संसद से लेकर सड़क तक जोरदार तरीके से उठाया है। 2027 के यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव की पार्टी इस मुद्दे के जरिए भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को उसी के मैदान में चुनौती देने की कोशिश कर रही है। अब सवाल यही है—क्या ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा सपा के लिए सच में ‘रामबाण’ साबित होगा?

#AkhileshYadav #SamajwadiParty #RamMandir #Ayodhya #ChandaChori #UPPolitics #UPAssemblyElection2027 #BJP #YogiAdityanath #AwadheshPrasad #PoliticalNews #NewsForActionBharat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *