चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस ने राजस्थान से संचालित एक कथित हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह की एक खास बात यह है कि इसमें डबल एमए और एमए पास युवकों के साथ किसान, नगर निगम कर्मचारी और मजदूर भी शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपितों के कब्जे से 6 पिस्तौल, 19 कारतूस और दो मैगजीन बरामद हुई हैं। जांच में हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े करीब 2 लाख रुपये के लेनदेन का भी पता चला है।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़े आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंटरनेट मीडिया के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। इसके बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश से कथित तौर पर हथियार लाकर चंडीगढ़ में अपराधियों और गैंगस्टरों तक पहुंचाने का नेटवर्क तैयार किया गया।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, हथियार खरीदने वालों और मध्य प्रदेश में बताए जा रहे कथित सप्लायर की तलाश कर रही है।
डबल एमए पास युवक भी नेटवर्क में शामिल
गिरफ्तार आरोपितों में राजस्थान के डीग जिले का 28 वर्षीय गुरचरण सिंह उर्फ जीसी भी शामिल है। पुलिस के अनुसार उसने अर्थशास्त्र में डबल एमए किया है।
बताया गया है कि वह पहले सेल्फ-ड्राइव कार रेंटल का काम करता था। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ राजस्थान में हत्या के प्रयास समेत अन्य मामले भी दर्ज हैं।
उसके पास से दो देसी पिस्तौल, तीन कारतूस और एक मैगजीन बरामद किए जाने की बात कही गई है।
कंप्यूटर सेंटर चलाने वाला MA पास युवक भी गिरफ्तार
चंडीगढ़ निवासी 31 वर्षीय गुरबचन सिंह उर्फ गुरी अर्थशास्त्र से एमए पास है और सेक्टर-38 में कंप्यूटर सेंटर चलाता था।
पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। जांच में उसके खाते से गुरचरण के खाते में करीब 2 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने उसके पास से एक स्वचालित पिस्तौल और 10 कारतूस बरामद किए हैं।
किसान और नगर निगम का माली भी नेटवर्क में
गिरोह में राजस्थान के भरतपुर जिले का 31 वर्षीय पुष्पेंद्र उर्फ भूरा भी शामिल बताया गया है। वह 12वीं पास है और खेती करता था। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित चार मामले दर्ज हैं।
उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, तीन कारतूस और एक मैगजीन बरामद होने की बात कही गई है।
वहीं, चंडीगढ़ के धनास निवासी 33 वर्षीय सरवन उर्फ सोली नगर निगम में माली के तौर पर काम करता था। उसे 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसके पास से एक देसी कट्टा और एक कारतूस मिला।
आठवीं पास मजदूर से मिली मध्य प्रदेश की कड़ी
पुलिस ने 25 वर्षीय लोकेश मीणा को 12 अगस्त को गिरफ्तार किया। राजस्थान के कोटा का रहने वाला लोकेश आठवीं पास है और मजदूरी करता था।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने मध्य प्रदेश से हथियार लाने की जानकारी दी। जांच एजेंसियों को एक कथित सप्लायर से जुड़ी कड़ी भी मिली है, जिसकी पहचान अभी जांच का हिस्सा है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान चंडीगढ़ में करीब 10 से 12 अवैध हथियार पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
खरीदारों और सप्लायरों की तलाश जारी
गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश से हथियार किस माध्यम से चंडीगढ़ पहुंचाए जाते थे और आगे इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस हथियारों के संभावित खरीदारों, नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और कथित सप्लायरों की तलाश में जुटी है।
पढ़े-लिखे युवकों का अपराध की ओर बढ़ना बना चिंता का विषय
इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि उच्च शिक्षा हासिल कर चुके कुछ युवा किस तरह सोशल मीडिया के संपर्कों के जरिए अपराधी नेटवर्क तक पहुंच रहे हैं।
एक तरफ डबल एमए और एमए जैसे उच्च शिक्षित युवक इस कथित नेटवर्क में शामिल पाए गए, वहीं दूसरी तरफ किसान, नगर निगम कर्मचारी और मजदूर भी इससे जुड़े बताए गए हैं।
पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क का वास्तविक विस्तार कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
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चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कथित हथियार तस्करी नेटवर्क कई सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले लोगों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। 6 पिस्तौल, 19 कारतूस और दो मैगजीन की बरामदगी के बाद अब पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों के खरीदारों तक पहुंचने में जुटी है।
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