हल्द्वानी घटनाक्रम पर उत्तराखंड की राजनीति गरमाई, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस पर लगाए जातिवादी राजनीति करने के आरोप
देहरादून। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। खरगे द्वारा राज्यसभा में इस मामले को उठाए जाने के बाद अब उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है।
रेखा आर्य ने खरगे के आरोपों को ‘सफेद झूठ’ बताते हुए कहा कि गलत तथ्यों के जरिए संसद में देवभूमि उत्तराखंड की छवि खराब करने और समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।
‘भाजपा या सरकार का कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं’
रेखा आर्य ने दावा किया कि हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली से दो दिन पहले आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का भाजपा या राज्य सरकार से कोई संबंध नहीं था।
उन्होंने कहा कि संबंधित संस्था की ओर से उसी समय कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट कर दिया गया था। ऐसे में इस कार्यक्रम को भाजपा या सरकार से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
मंत्री ने कहा कि यदि खरगे को प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने गलत जानकारी दी है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन यदि जानबूझकर संसद में गलत तथ्य रखे गए हैं तो मामला और भी गंभीर है।
कांग्रेस पर ‘फ्लॉप रैली’ से ध्यान भटकाने का आरोप
रेखा आर्य ने कांग्रेस पर हल्द्वानी की रैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रैली में अपेक्षित संख्या में लोग नहीं जुटे और अब अपनी राजनीतिक असफलता से ध्यान हटाने के लिए इस पूरे मामले को नया राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि रैली के बाद प्रदेश कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रशासनिक कार्यालयों में जाकर कथित तौर पर अभद्रता और अराजकता की गई, जिससे जनता के बीच कांग्रेस की फजीहत हुई।
‘जातिवादी राजनीति का सहारा ले रही कांग्रेस’
रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जातिवादी राजनीति के जरिए इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समावेशी संस्कृति और सामाजिक सौहार्द से है। राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश देवभूमि की परंपरा के हित में नहीं है।
खरगे ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
इससे पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का मुद्दा उठाया था।
खरगे ने इसे अपने लिए अपमानजनक बताते हुए सवाल किया था कि क्या लोकतंत्र में किसी विपक्षी नेता की सभा के बाद इस तरह का व्यवहार उचित है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए घटना को दुखद बताया था और कहा था कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच का भरोसा भी दिया था।
2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी गर्मी
हल्द्वानी का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
रेखा आर्य ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की कथित विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में जनादेश देगी।
फिलहाल खरगे के आरोपों और रेखा आर्य के पलटवार के बाद हल्द्वानी का यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में एक नया सियासी विवाद बनता दिखाई दे रहा है।
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