नई दिल्ली। चर्चित कॉमेडी शो ‘India’s Got Latent’ से जुड़े विवाद में कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले से जुड़ी उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाहियों को समाप्त कर दिया है।
मामला शो के एक एपिसोड में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा था, जिसके बाद अलग-अलग जगहों पर शिकायतें और एफआईआर दर्ज हुई थीं। मामले ने सोशल मीडिया से लेकर संसद और न्यायपालिका तक व्यापक बहस को जन्म दिया था।
क्या था पूरा विवाद?
‘India’s Got Latent’ के एक एपिसोड में रणवीर इलाहाबादिया ने माता-पिता और निजी संबंधों को लेकर एक आपत्तिजनक सवाल पूछा था। शो में समय रैना के साथ अन्य कलाकार और सोशल मीडिया से जुड़े चेहरे भी मौजूद थे।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक आलोचना हुई। कई शिकायतों के बाद समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में पुलिस मामले दर्ज किए गए।
विवाद बढ़ने के बाद शो के उपलब्ध एपिसोड भी YouTube से हटा दिए गए थे।
रणवीर इलाहाबादिया पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट
रणवीर इलाहाबादिया ने अपने खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मामलों को एक साथ जोड़ने और आपराधिक कार्रवाई से राहत की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कथित टिप्पणियों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। हालांकि, उन्हें मिली अंतरिम राहत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जारी रही।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अदालत की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल सामाजिक जिम्मेदारी और कानून की सीमाओं के भीतर होना चाहिए।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि लोकप्रियता या मनोरंजन के नाम पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता, जिससे सामाजिक मर्यादाओं और अन्य लोगों की गरिमा प्रभावित हो।
समय रैना को भी अदालत की सख्त नसीहत
सुनवाई के दौरान समय रैना से जुड़े एक अन्य कार्यक्रम का भी उल्लेख हुआ। कनाडा में अपने शो के दौरान समय रैना द्वारा कानूनी खर्च को लेकर की गई टिप्पणी पर अदालत ने नाराजगी जताई।
पीठ ने उन्हें अदालत की कार्यवाही को हल्के में नहीं लेने की चेतावनी दी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
विवाद के बाद शो पर लगा था बड़ा झटका
विवाद सामने आने के बाद ‘India’s Got Latent’ के कई एपिसोड YouTube से हटा दिए गए। सोशल मीडिया पर भी शो और उसमें शामिल लोगों को लेकर तीखी बहस हुई।
मामले ने यह सवाल खड़ा किया कि डिजिटल कंटेंट और कॉमेडी के नाम पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए और कंटेंट क्रिएटर्स की सामाजिक जिम्मेदारी कितनी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया को इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, अदालत की टिप्पणियां यह भी स्पष्ट करती हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान जरूरी है।
इस मामले ने भारत में डिजिटल कंटेंट, कॉमेडी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी जवाबदेही के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया है।
News for Action Bharat के लिए यह रिपोर्ट उपलब्ध न्यायिक जानकारी और सार्वजनिक रूप से सामने आए घटनाक्रम के आधार पर तैयार की गई है।
