नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए आत्मनिर्भरता, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, युवाओं और विनिर्माण पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अगले वर्षों के विकास के लिए ‘सप्तधारा’ का रोडमैप सामने रखा और कई बड़े लक्ष्य व घोषणाएं कीं।
1. 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने बड़े सपने देखने और उन्हें मजबूत संकल्प के साथ पूरा करने का आह्वान किया।
2. आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने Make in India और Vocal for Local को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल और ऊर्जा सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू क्षमता विकसित करने को महत्वपूर्ण बताया गया।
3. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा
ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत की अहम शर्त बताते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा। उन्होंने इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात भी कही।
4. ‘सप्तधारा’ से विकास का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों में भारत की प्रगति के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया—
- मैन्युफैक्चरिंग पावर
- कृषि एवं खाद्य उत्पादन
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
- गतिशक्ति एवं कनेक्टिविटी
- रक्षा शक्ति
- ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी
- भारत की सॉफ्ट पावर
इन क्षेत्रों को देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने के प्रमुख आधार के रूप में पेश किया गया।
5. एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
AI को भविष्य की बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा।
इसके साथ युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क विकसित करने की भी घोषणा की गई।
6. भारत बने Innovation Hub
प्रधानमंत्री ने भारत को केवल दुनिया का बड़ा बाजार बनाने के बजाय Innovation Hub बनाने पर जोर दिया।
AI, Quantum Technology, Space, Robotics, Data Centres और 6G जैसी तकनीकों में भारत की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य सामने रखा गया।
7. सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता
सेमीकंडक्टर को डिजिटल और तकनीकी आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां उत्पादन शुरू होकर निर्यात भी होने लगा है।
आने वाले समय में इस क्षेत्र में क्षमता और बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
8. 5 से 15 साल के बच्चों का होगा टैलेंट हंट
खेलों में भारत की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट की घोषणा की।
गांवों, शहरों और स्कूलों से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई।
9. आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क
बदलते युद्ध के स्वरूप का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की बात कही।
उनके अनुसार आधुनिक युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है और बैंकिंग, डेटा सेंटर, रिफाइनरी तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए नागरिकों को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से परिचित कराने और बड़े स्वयंसेवी नेटवर्क को तैयार करने पर जोर दिया गया।
10. 6 करोड़ लखपति दीदी और वैश्विक भारतीय कंपनियां
महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने 6 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य रखा। पहले तय तीन करोड़ के लक्ष्य को हासिल किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत की कंपनियों को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने और आने वाले दशक में Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियां होने की महत्वाकांक्षी कल्पना सामने रखी।
क्यों महत्वपूर्ण है PM का यह भाषण?
इस भाषण में केवल तत्काल योजनाओं की बात नहीं हुई, बल्कि 2047 के भारत के लिए तकनीक + ऊर्जा + मैन्युफैक्चरिंग + कृषि + रक्षा + युवा + महिला शक्ति को एक साथ जोड़ने की रणनीति सामने रखी गई।
खास तौर पर 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग और 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा नीति पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
PM मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण की आधिकारिक जानकारी
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) की आधिकारिक जानकारी।
